धरने में शामिल होने पहुंचे सांसद राकेश राठौर।
सीतापुर। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) पर गोंडा जिले के बाद सीतापुर में कार्यकारी डीसी मनरेगा रहते हुए लाखों के घोटाले काे अंजाम देने का आरोप है। सरकार तत्काल डीडीओ को बर्खास्त कर उच्चस्तरीय जांच कराए।
पिछले वित्तीय वर्ष में काम न पाने वाले मनरेगा मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। शनिवार को आईपीएफ द्वारा अंबेडकर पार्क में आयोजित धरने में सांसद राकेश राठौर ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि डाॅ. आंबेडकर फैशन नहीं विचार हैं। डाॅ. आंबेडकर के विचारों के खिलाफ भाजपा और संघ परिवार आजादी आंदोलन से ही अभियान चला रही है।
धरने में सांसद राकेश राठौर ने कहा कि डीडीओ हरिश्चंद्र प्रजापति के खिलाफ गोंडा जिले में भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमे दर्ज हैं। रिकवरी के आदेश हैं। डीडीओ की ओर से मछरेहटा में मनरेगा के हुए घोटालों की लीपापोती के आरोप हैं।
मनरेगा मजदूरों के पिछले साल के बेरोजगारी भत्ते की फाइल भी डीडीओ पर दबाने के आरोप हैं। तत्काल इन मसलों की उच्चस्तरीय जांच कराकर मनरेगा मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। डाॅ.बृज बिहारी ने कहा कि जिले के सिधौली, कसमंडा, ऐलिया, बेहटा, रामपुर मथुरा संग अन्य ब्लाकों में मनरेगा में घोटाले डीडीओ के संरक्षण में जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घोटालों को अंजाम देने के लिए डीडीओ कार्यालय में एक गिरोह सक्रिय है।
डीडीओ के संरक्षण के चलते ही ब्लाॅक स्तरीय आरोपी घोटालेबाज मनरेगा लोकपाल को दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहे है। इससे घोटालेबाजों के हौसले बुलंद हैं और उनके खिलाफ जांच आगे नहीं बढ़ सकी है। अंबेडकर पार्क में आयोजित धरने में डाॅ. बृजबिहारी ने बताया कि डीडीओ की काली करतूतें नामक रिपोर्ट को शनिवार को लखनऊ में जारी कर आईपीएफ का एक प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त की गैर मौजूदगी में अपर आयुक्त से मिला है।
बताया कि उनसे पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मजदूर किसान मंच के नेता गोविंद सिंह ने मनरेगा मजदूरों को काम मांगने के बाद भी काम न मिलने पर गहरी चिंता जताई।