सीतापुर। जिला अस्पताल में सोमवार को अल्ट्रासाउंड जांच व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। जांच कक्ष में देरी से काम शुरू हुआ और मात्र दो घंटे बाद ही चिकित्सक के चले जाने से कई मरीजों की जांच नहीं हो सकी। इस कारण करीब 20 मरीजों को बिना जांच कराए वापस लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे शुरू हुई। मरीजों ने पंजीकरण के बाद संबंधित चिकित्सकों को दिखाया, जहां से उन्हें अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह दी गई। सुबह नौ बजे से अल्ट्रासाउंड कक्ष में मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई, लेकिन जांच शुरू होने में देरी हुई।
मरीजों के अनुसार, अल्ट्रासाउंड चिकित्सक करीब 11 बजे पहुंचे और दोपहर एक बजे के आसपास कक्ष छोड़कर चले गए। इस दौरान कई मरीज घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन जांच नहीं हो सकी। बाद में सभी को मंगलवार को दोबारा बुलाया गया।
मरीज राकेश ने बताया कि वह महोली से सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचा था, लेकिन जांच नहीं हो सकी। पेट में तेज दर्द होने के बावजूद उसे वापस लौटना पड़ा। वहीं उदित ने बताया कि उनकी मां को पेट में पथरी की शिकायत है। जांच के लिए अस्पताल आए थे, लेकिन जांच न होने से अब बाहर से जांच कराने को मजबूर हैं।
मलेरिया के दो मरीज मिले
जिला अस्पताल में बुखार के लक्षणों के चलते सोमवार को करीब 120 मरीजों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें दो मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने दोनों को दवा देकर घर पर आराम करने की सलाह दी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
सभी चिकित्सकों को समय से ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई चिकित्सक समय से पहले ओपीडी छोड़ता है तो मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. इंद्र सिंह, सीएमएस