रामकोट थानाक्षेत्र के निवासी शत्रोहन व रफीक के विरुद्ध गांव के ही एक व्यक्ति ने बलात्कार की एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी के मुताबिक 15 अगस्त 2001 की शाम जब उसकी नाबालिग बहन नित्यक्रिया के लिए खेत गई थी, तभी गांव के ही रहने वाले शत्रोहन व रफीक ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
शोर पर कुछ लोगों के आ जाने से आरोपी भाग गए। दोनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि अर्थदंड जमा न होने की दशा में दोनों दोषियों को सवा-सवा साल का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।