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Sitapur News: एसओजी के हत्थे चढ़े दो हत्या आरोपी, पीएसी तैनात

Sun, 28 Dec 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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पिता-पुत्र की हत्या के बाद गांव में तैनात पीएसी।
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इमलिया सुल्तानपुर। ग्राम पंचायत फतेपुर के मातिनपुर निवासी छोटे खां उर्फ अख्तर खां व उनके पुत्र मैसर खां की हत्या के मामले में नामजद छह आरोपियों में दो को शनिवार को एसओजी के हत्थे चढ़ गए। चार अन्य की गिरफ्तारी के लिए एसओजी के साथ ही पुलिस की पांच टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उधर, मृतकों को गोली मारे जाने की पुष्टि के लिए एक्सरे भी कराया गया। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी व पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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गांव निवासी छोटे खां उर्फ अख्तर और उनके पुत्र मैसर खां की शुक्रवार को छह लोगों ने धारदार हथियार से वार करने के साथ ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपियों ने पिता-पुत्र के सिर पत्थर से कूच दिए थे। छोटे खां के दामाद महफूज की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही अजयपाल उर्फ झगडू, नंगा उर्फ नागेश, टामू, विकटू उर्फ श्यामल, शिव पूजन और कामता प्रसाद के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
एसपी अंकुर अग्रवाल ने खुलासे के लिए एसओजी के साथ पुलिस की पांच टीमों को लगाया था। शनिवार भोर एसओजी ने आरोपियों में शामिल दो सगे भाइयों टामू व झगडू को पकड़ लिया। हालांकि पुलिस अभी पकड़े गए आरोपियों का नाम बताने से बच रही है। पुलिस टीमें लगातार आरोपियों व उनके परिजनों से पूछताछ कर रही हैं।
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अचानक झाड़ियों से निकले थे हमलावर...कर रखी थी रेकी
मैसर खां के पुत्र असहद ने बताया कि 26 दिसंबर को शाम 7 बजे उनके बाबा अख्तर खां व पिता मैसर खां एसडीएम सदर की कोर्ट से जमानत कराकर ई रिक्शे से घर जा रहे थे। असहद अपनी दादी के साथ बाइक पर था। जैसे ही वह लोग फत्तेपुर मातिनपुरवा के पंचायत भवन के पास पहुंचे। अचानक आसपास झाड़ियों में छिपे विपक्षी अजयपाल, नागेश, टामू, विकटू, शिवपूजन और कामता प्रसाद सामने आ गए। असहद के अनुसार सबसे पहले आरोपियों ने फायर किया। यह गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद आरोपियों ने दोबारा फायर किया। इस बार छोटे उर्फ अख्तर खां व मैसर को गोली लगी। दोनों सड़क पर गिर गए। विकटू, कामता, नंगा व अजयपाल दोनों को घेरने लगे। पिता मैसर खां जान बचाकर भागे तो शिवपूजन ने दौड़ाकर बांके से सिर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। मैसर गिड़गिड़ाए कि उनके दो बेटे और सात माह की बच्ची है...लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। असहद के अनुसार शिवपूजन ने बांके से वार करते समय कहा कि आंखें खोल कर देखो, तुम्हें कौन मार रहा है। इसके बाद बाबा छोटे उर्फ अख्तर को टामू ने गिराकर बांके से वारकर मार डाला। असहद के अनुसार दोनों की हत्या के बाद आरोपी उसे व उसकी दादी को खोजने लगे। चूंकि असहद अपनी दादी के साथ झा़ड़ियों में छिपा था, तो आरोपी अंधेरे में उन्हें नहीं देख पाए।


112 नहीं चाइल्ड लाइन के 1098 नंबर से मिली मदद
असहद के अनुसार घटना के तुरंत बाद उसने 112 नंबर डायल किया, लेकिन फोन नहीं लगा। इसके बाद 100 नंबर डायल किया। इस पर भी मदद नहीं मिली। उसे चाइल्ड लाइन का 1098 नंबर याद था। असहद ने चाइल्ड लाइन का नंबर मिलाया, तब जाकर पुलिस से संपर्क हो सका। इस बीच असहद अपने पिता और बाबा के शवों के पास ही खड़ा रहा।



सिर, सीने और पेट का हुआ एक्सरे, मिले गोलियों के निशान
जिला अस्पताल में शनिवार को पिता-पुत्र के शवों का एक्सरे किया गया। इस दौरान पुलिस ने दोनों के सीने, सिर और पेट का एक्सरे कराया। सूत्रों के अनुसार अख्तर के सीने में गोली लगने का निशान मिला है। वहीं, सिर में भी गोली जैसा निशान नजर आया है। दोनों का सिर क्षत-विक्षत अवस्था में होने के कारण चिकित्सक को पोस्टमार्टम करने में भी खासी मशक्कत करनी पड़ी।

आखिर कहां से आए अवैध असलहे और गोलियां...जांच में जुटी पुलिस
चश्मदीद असहद के अनुसार इस घटना में अवैध असलहों का प्रयोग किया गया। साथ ही करीब दस राउंड फायर हुए। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि आरोपियों के पास अवैध असलहे व गोलियां कहां से आईं। पुलिस इस दिशा में जांच कर रही है। पुलिस के हत्थे चढ़े एक आरोपी को पुलिस फतेपुर मातिनपुरवा लेकर पहुंची। उसका मुंह काले कपड़े से ढका हुआ था। आरोपी को घर के अंदर ले जाया गया। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी को साथ लेकर पुलिस असलहा बरामद करने लाई थी।


आरोपियों ने हाल ही में बेचा था साढ़े सात लाख का गन्ना
असहद के अनुसार कुछ दिन पूर्व उन्हें पता चला था कि आरोपी टामू ने शराब के नशे में उनके बाबा व पिता को मारने की बात कही थी। इसके लिए पैसों का इंतजाम होने की बात भी कही थी। सूत्रों के अनुसार आरोपियों के पास करीब 45 बीघा जमीन है। इसमें गन्ने की खेती होती है। हाल ही में आरोपियों ने साढ़े सात लाख रुपये का गन्ना भी बेचा था।

क्राइम सीन का रूपांतरण कर सकती है पुलिस
सूत्रों के अनुसार पुलिस टीमें पूरी वारदात का क्राइम रूपांतरण (सीन रिक्रिएशन) करेगी। इससे पूरी वारदात के खुलासे में मदद मिलेगी। पता चला है कि छोटे व मैसर की फतेपुर मातिनपुरवा में खेती है। पिता-पुत्र अपने खेत में एक पंप लगवाना चाहते थे। इसकेे लिए गांव के प्रधान से मिलने गए थे। इस दौरान छोटे व मैसर आरोपियों के घर के सामने से गुजरे थे। इसी बात को लेकर आरोपियों ने मारपीट भी की थी। इसी मामले में छोटे व विपक्षी टामू का शांतिभंग में चालान हुआ था। दोनों ने शुक्रवार को जमानत करवाई थी।


सपा मीडिया सेल ने एक्स पर किया पोस्ट, सांसद धौरहरा आनंद भदौरिया ने दी सांत्वना
समाजवादी पार्टी की मीडिया सेल के एक्स हैंडल पर घटना के संंबंध में पोस्ट की गई। पोस्ट में लिखा गया कि यूपी के सीतापुर में सरेआम बाप-बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये यूपी में भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था के बुरे हालात का नमूना है। वहीं, समाजवादी पार्टी के धौरहरा से सांसद आनंद भदौरिया ने पीड़ितों से मुलाकात की। पीड़ित पक्ष की महिला ने सांसद के पैर पकड़कर न्याय की मांग की।


14 साल पुरानी रंजिश बनी घटना की वजह
ग्रामीणों के अनुसार करीब छोटे खां का परिवार व ठाकुर प्रसाद का परिवार मातिनपुर में रहता था। दोनों के घर पास में ही थे। जब 2011 में छोटे खां के द्वारा ठाकुर की गोली मारकर हत्या की गई। इस पर दोनों परिवारों के बीच रंजिश पनप उठी। छोटे खां व उनका बेटा मैसर खां इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी बने और जेल गए। कुछ सालों बाद दोनों जेल से बाहर आए। 2020 में ठाकुर प्रसाद के छोटे बेटे संतोष की हत्या हुई तो दोनों परिवारों रंजिश और बढ़ गई। इस हत्याकांड में भी छोटे खां व मैसर खां को नामजद किया गया। मामले के बाद छोटे खां ने परिवार समेत मितौली में अपना ठिकाना बना लिया। इधर ठाकुर प्रसाद के बेटे टामू ने भी मातिनपुर मजरे को छोड़कर ग्राम पंचायत फतेपुर में अपना घर बना लिया था। ग्रामीणों के अनुसार छोटे खां अपनी पैतृक खेती की देखभाल करने अक्सर मातिनपुर आते-जाते थे।
घटना के बाद बदल दिया था रास्ता

ग्रामीणों के अनुसार मातिनपुर से फत्तेपुर जाना का एक सीधा कच्चा रास्ता है। जबकि झरेखापुर जाने के लिए सीधा डामर रोड है। छोटे खां का परिवार हत्याकांड के बाद कच्चे रास्ते से गुजरते नहीं थे। बृहस्पतिवार को छोटे खां अपने पुत्र के साथ इस रास्ते से जाते हुए टामू के दरवाजे से गुजरे। छोटे खां को देखकर टामू के परिवार के लोगों ने विरोध जताया। दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसके बाद छोटे खां इमलिया सुल्तानपुर थाने पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। दोनों पक्षों को शुक्रवार की सुबह थाने बुलाकर शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। कहा कि अगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर हत्यारोपियों को जेल भेज दिया होता तो यह घटना न होती। मृतक के पौत्र असहद खां ने बताया कि उनके पिता मैसर खां को अंदेशा था कि अगर इन्हें जमानत पर छोड़ा गया तो कोई गंभीर वारदात हो सकती है। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को सामान्य समझकर अपने मनमाफिक काम किया।
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