सीतापुर। शहर में महा मृत्युंजय मंदिर में प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य रामोत्सव शनिवार से गति पकड़ेगा। प्राण प्रतिष्ठा के लिए जयपुर से विशेष रूप से तैयार राम-सीता की मूर्ति आर्यनगर स्थित सीताराम मंदिर पहुंच चुकी है। इस प्रतिमा को जयपुर के मूर्तिकार भूपेश शर्मा ने विशेष रूप से तैयार किया है। इसमें प्रभु राम संग मां सीता और रामभक्त हनुमान की मूर्ति शामिल हैं। शुक्रवार को मूर्ति के सामने गणेश व गौरी का आह्वान किया गया। इस दौरान रामभक्तों ने भजनों व राम जाप से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
धर्मगुरु आशीष शास्त्री ने बताया कि एक ओर अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी, दूसरी ओर सीतापुर में प्रभु श्री राम विराजेंगे। प्राण प्रतिष्ठा की तिथि करीब आते ही रामोत्सव में हर भक्त डूबा नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार के अनुष्ठान के बाद शनिवार को प्रभु की मूर्ति का जलाधिवास कराया जाएगा। इसके साथ ही फलाधिवास, अन्नाधिवास भी होगा। इस पूजन के साथ ही रामचरितमानस का अखंड पाठ शुरू हो जाएगा। 21 जनवरी को प्रभु राम का पंचामृत व अनेक रसों की सहस्त्र धारा से अभिषेक होगा। वहीं, 22 जनवरी को प्रभु राम की शोभायात्रा सीताराम मंदिर से महामृत्युंजय मंदिर तक निकाली जाएगी। इस दौरान यात्रा शहर के प्रमुख मंदिरों से होकर गुजरेगी। इसके बाद यात्रा साईं ऊषा वाटिका बिजवार स्थित महामृत्युंजय मंदिर पहुंचेगी। इसी के साथ धूमधाम से यहां प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
भजन सम्राट अनुराग रोशन बहाएंगे भजनों की रसधार
प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भजन सम्राट अनुराग रोशन अपने भजनों की रसधार से रामभक्तों को सिंचित करेंगे। इस दौरान महंत बलराम शास्त्री, आचार्य वेंकटेश्वर, आचार्य गणेश, पंडित प्रदीप, मुख्य यजमान महंत राजेंद्र दास, माया मिश्रा, सहायक यजमान आशीष कपूर, कीर्ति कपूर, डॉ केडी जोशी, मनीष मिश्रा संग बड़ी संख्या में रामभक्त उपस्थित रहेंगे।
सज गया है महामृत्युंजय मंदिर
प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए बिजवार स्थित महामृत्युंजय मंंदिर को भी रामध्वजाओं व एलईडी लाइटों से सजाया गया है। मंदिर की आकर्षक सजावट रामभक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।