नैमिषारण्य /सीतापुर। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का साक्षी बनने के लिए शुक्रवार को नैमिषारण्य से संतों-महंतों ने प्रस्थान किया। शुक्रवार सुबह सभी संतों ने चक्रतीर्थ के जल में वैदिक मंत्रोच्चार कर पूजन किया। इसके बाद सनातन ऋषि सत्संग महाआरती सेवा समिति ने प्रस्थान करने वाले संतों व महंतों का माल्यार्पण कर सम्मान किया। इसके बाद संत-महंतो का दल मां ललिता देवी मंदिर की तरफ ढोल नगाड़ों की धुन पर जय श्री राम का उद्घोष करता हुआ पैदल निकल पड़ा।
मां ललिता देवी मंदिर में पूजन कर सभी संत अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान कर गए। कालीपीठ मंदिर के पीठाधीश्वर गोपाल शास्त्री शनिवार को मां ललिता का स्पर्श कलश लेकर अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। उन्होंने बताया कि यह बेहद गर्व का क्षण है। रामभक्तों में इस पल को अपनी आंखों से देखने का उल्लास है।
इन संतों ने किया प्रस्थान
नैमिषारण्य से बनगढ़ महंत संतोष दास खाकी, पहला आश्रम महंत नारायण दास, सत्यनारायण सन्निधि मंदिर से रामानुज कुमारी माताजी, चक्रतीर्थ से राज नारायण पांडेय, लाल बिहारी, महंत प्रीतम दास , महंत चंद्र प्रकाश दास, महंत प्रहलाद दास, महंत रामसेवक दास, स्वामी सुरेशानंद, स्वामी पगलानंद महाराज, विजय बाबा शाहाबादी, महंत पवन दास व चरण दास त्यागी ने प्रस्थान किया।