सीतापुर। जिले में इन दिनों बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। शहर से लेकर गांवों तक ट्रिपिंग व अघोषित कटौती का सिलसिला जारी है। इस भीषण गर्मी में गांवों में मुश्किल से पांच से छह घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। वहीं शहर में महज 14 से 15 घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे भीषण गर्मी में लोग बेहाल हो रहे हैं। जरूरत के मुताबिक बिजली न मिलने से उद्योग-धंधों के संचालन पर असर पड़ रहा है।
शहर में इस समय बिजली सप्लाई का रोस्टर पूरी तरह से बिगड़ गया है। भवानीपुर फीडर, पुराना सीतापुर फीडर सहित अन्य फीडरों के जरिए शहर में आपूर्ति की जाती है। हर दो घंटे बाद ट्रिपिंग हो रही है। लो-वोल्टेज की वजह से कूलर, पंखा व एसी अपनी क्षमता के अनुसार नहीं चल पा रहे हैं। इस दिनों भीषण गर्मी में लोगों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। इस वजह से उद्योग-धंधों के संचालन पर असर पड़ रहा है। व्यापारी डिमांड के मुताबिक आर्डर नहीं दे पा रहे है। इससे उन्हें बिना मजदूरी के भुगतान करना पड़ रहा है।
इसी तरह गांवों के हालात भी बहुत खराब हैं। हरगांव संवाद के अनुसार इलाके के गांवों में मुश्किल से पांच से छह घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। इससे कूलर व पंखे शोपीस बन गए हैं। कल्ली चौराहा संवाद के अनुसार उत्तर धौना, कल्ली चौराहा, हरसानी, सुजानपुर, जुगुल बिहारपुर, मरेली, प्रतापपुर, पच्चीसा, लोकनापुर, करखिला, अमटामाऊ, बानपुर व भट्टपुर सहित 20 से अधिक गांवों में एक सप्ताह से मुश्किल से दो-तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। कभी-कभार पूरी रात बिजली नहीं आती है।
गोंदलामऊ संवाद के अनुसार क्षेत्र में दो पावर हाउस हैं। इनके जरिए करीब 250 गांवों को आपूर्ति की जाती है। मुश्किल से पांच-छह घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। इससे किसान न तो खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं और न ही कोई और काम। तंबौर संवाद के अनुसार ट्रिपिंग व अघोषित कटौती का सिलसिला जारी है। गांवों में पांच से छह घंटे ही आपूर्ति हो रही है।
लहरपुर संवाद के अनुसार यदि बिजली आती भी है तो लो-वोल्टेज के चलते कूलर-पंखे नहीं चल पाते हैं। महोली संवाद के अनुसार नगर क्षेत्र मे 20 घंटे आपूर्ति का दावा किया जाता है लेकिन महज 10 से 12 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। वहीं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी आपूर्ति व्यवस्था चरमराई हुई है। मछरेहटा संवाद के अनुसार गांवों में पांच से छह घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है।