सीतापुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सीतापुर-लखीमपुर ट्रैक पर रेल संचालन शुरू होने जा रहा है। एक भव्य समारोह में रेल को हरी झंडी दिखाने की तैयारी की जा रही है। रेलवे विभाग के अफसर इन दिनों समारोह को यादगार बनाने की कवायद में जुटे हैं।
इसी माह के आखिर या अगस्त के पहले सप्ताह में रेल संचालन शुरू होने के संकेत मिले हैं। रेलवे बोर्ड ने अभी तारीख घोषित नहीं की है पर जल्द उद्घाटन की की बात अफसर कह रहे हैं। आमान परिवर्तन के बाद सीतापुर-लखीमपुर रेलवे ट्रैक संचालन के लिए तैयार है। मार्च 2019 में सीतापुर-लखीमपुर ट्रैक का सीआरएस किया गया।
सीआरएस के एक माह बाद तक जब रेल संचालन चालू नहीं कराया जा सका तो चार जून को पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य अभियंता एसके पांडेय, महाप्रबंधक सिग्नल श्रीकांत सिंह तथा महाप्रबंधक परिचालन एके सिंह ने यहां पहुंचकर ट्रैक की गुणवत्ता परखी और जून के अंत तक रेल संचालन शुरू किए जाने का दावा किया।
इस बार भी रेल नहीं दौड़ाई जा सकी। जून के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर रेलवे अफसरों ने ट्रैक व स्टेशनों का निरीक्षण किया। इस बीच मालगाड़ी दौड़ाकर ट्रैक का सफल परीक्षण भी कर लिया गया। अफसरों की टीम ने तीसरी बार निरीक्षण में माना कि ट्रैक तो कंपलीट है पर स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का अभाव है।
हालांकि जल्द रेल संचालन शुरू होने का दावा इस बार भी किया गया। अफसरों के दावे अब हकीकत में तब्दील होने जा रहे हैं। इसकी तस्दीक विभाग में उद्घाटन समारोह की शुरू हुई तैयारियां कर रही हैं। रेलवे विभाग के जिम्मेदार इन दिनों समारोह भव्य बनाने की कवायद में जुटे हैं।
समारोह का मुख्य अतिथि किसे बनाना है, किन-किन मेहमानों को आमंत्रित करना है, इस पर विचार करते हुए सूची बनाई जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सीतापुर-लखीमपुर के मध्य इसी माह के अंतिम या फिर अगस्त के पहले सप्ताह में रेल संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
छोटी से बड़ी लाइन में तब्दील हुआ लखनऊ-मैनाली रेलवे ट्रैक
पहले चरण में लखनऊ से सीतापुर के बीच, दूसरे चरण में सीतापुर से मैलानी तक अक्तूबर 2016 में रेल यातायात पर ब्रेक लगा दिया गया था।
इसके बाद लखनऊ (ऐशबाग) से पीलीभीत के बीच 207 किमी. बिछाई गई मीटर गेज की लाइनों को ब्रॉडगेज में बदलने की जिम्मेदारी रेलवे ने रेल विकास निगम (आरवीएनएल) को सौंपी थी।
दो चरणों में आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया गया। पहले चरण में ऐशबाग से सीतापुर के बीच 80 किलोमीटर रेलखंड का आमान परिवर्तन करीब 350 करोड़ की लागत से शुरू हुआ। इसके बाद सीतापुर से मैलानी के बीच 67 किलोमीटर रेलखंड के आमान परिवर्तन का काम करीब 211 करोड़ से शुरू किया गया।
लखनऊ से सीतापुर के बीच काम पूरा होने पर जनवरी 2019 में बड़ी लाइन की ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा चुका है। अब सीतापुर के आगे भी संचालन शुरू होने जा रहा है।
अब होगा नए युग का आगाज
इस रूट पर छोटी लाइन की ट्रेनों का सुहाना सफर 129 साल बाद थम गया था। फिर यहां आमान परिवर्तन का काम शुरू हुआ। करीब ढाई साल में यह लाइन छोटी से बड़ी हो गई है। छोटी लाइन की ट्रेनों का सफर इतिहास में दर्ज होने के बाद अब इस रूट पर रेल संचालन के नए युग का आगाज होने जा रहा है।
20 से 25 रुपये तक हो सकता सीतापुर से लखीमपुर तक किराया
रेल संचालन शुरू होने पर यात्री कम किराए में सफर का आनंद ले सकेंगे। सीतापुर से लखीमपुर तक रोडवेज बस का किराया लगभग 58 रुपये है।
जबकि ट्रेन महज 15 रुपये में सीतापुर से लखीमपुर पहुंचाती थी। बड़ी लाइन की ट्रेन का किराया करीब 20 से 25 रुपये निर्धारित किए जाने का अनुमान है।