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कल तहरीर लाना तब देखेंगे, सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर खराब है

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रोडवेज चौकी के पास खंभे पर टूटकर लटकता सीसीटीवी कैमरा। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। साहब मोबाइल छिन गया है। अरे!!!! कब? साहब सुबह छिन गया था। कैसे छिन गया? सुबह टहलने निकले तो बात कर रहे थे। बाइक सवार दो बदमाश आए और छीन कर ले गए। साहब कैमरे लगे हैं देख लो शायद कुछ मिल जाए। अरे तो मोबाइल कान में क्यों लगाया था और कैमरे का डीवीआर खराब है। जाओ कल एक तहरीर लेकर आना देख लेंगे और आगे से कान में मोबाइल लगाकर बात मत करना। यह किसी फिल्म की पटकथा नहीं बल्कि सीतापुर पुलिस की हकीकत है।
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एक आदमी जब पुलिस चौकी पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है तो उससे कुछ इस तरह से पुलिस बात करती है। ऐसे में आम आदमी न तो पुलिस को इन तरह के सवालों का जवाब दे पाता है न ही उसे न्याय मिल पाता है। शहर में लगातार मोबाइल छिनैती, चेन स्नेचिंग जैसी घटनाएं बढ़ रही है। लेकिन उनको रोकने में पुलिस नाकाम हो रही है। इसमें सबसे बड़ी वजह शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे खराब पड़े कैमरे है। इन कैमरों की हकीकत परखने के लिए शनिवार रात अमर उजाला की टीम ने इसकी रियलटी देखी तो हकीकत सामने आ गई।
अधिकांश चौराहों पर लगे कैमरे जिनका कंट्रोल पास बनी चौकियों पर था, वह खराब निकले। कांशीराम से लगाकर रोडवेज चौकी तक कोई भी चौकी ऐसी नहीं थी। जहां पर लगे सभी कैमरे सही ढंग से काम करते हुए नजर आए हो। सबसे पहले जब टीम कांशीराम पहुंची तो वहां दो तीन सिपाही थे, जिनसे टीम के एक सदस्य ने कहा कि सुबह जब वह टहलने निकला था तो उसका मोबाइल बाइक सवार बदमाशों ने छीन लिया है। इस पर सिपाही बोल पड़ा कि आखिर तुमने मोबाइल कान में लगाया ही क्यूं? जो बदमाशों ने उसे छीन लिया।
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इस हास्यस्पद सवाल पर टीम के सदस्य ने पूछ लिया कि आप बात करने के लिए मोबाइल कहां लगाते हैं तो सिपाही चुप हो गया। जब सिपाही से कहा गया कि वह कैमरे की रिकार्डिंग चेक कर ले तो उसके साथियों ने बताया कि काफी समय से डीवीआर कैमरे की रिर्काडिंग ही खराब पड़ी है। इसी तरह हर चौकी पर टीम पहुंची तो वहां की स्थिति ऐसी ही थी। इस दौरान पुलिस कर्मी शिकायतकर्ताओं से भी सही बर्ताव करते हुए नहीं दिखे।
नवीन चौक पर लगे सभी कैमरे मिले खराब
टीम जब नवीन चौक पहुंची और बताया कि मोबाइल छिन गया है। एक सिपाही ने पहले तो काफी अफसोस जताया, फिर कहा कि हमारे क्षेत्र में लगे सभी कैमरे खराब हो चुके हैं। सभी का कंट्रोल देखने के लिए चौकी में एक एलईडी स्क्रीन लगी थी। जो बंद थी देखने से लग रहा था कि काफी समय से उसको चलाया न गया हो।
सिर्फ दो कैमरे चलते मिले
चुंगी चौराहे पर स्थित मंडी चौकी पर जब टीम पहुंची तो पाया कि चौकी में कोई नहीं था। करीब 15 मिनट टीम बैठी रही तो कोई जिम्मेदार पहुंचा ही नहीं। टीवी स्क्रीन में छह कैमरे के स्लॉट दिख रहे थे, जिनमें सिर्फ दो स्लॉट ही चल रहे थे, बाकी चार में टेक्निकल समस्या जैसी बात लिखकर सामने आ रही थी।
खर्चा बहुत लंबा है देखते हैं
शहर की सबसे व्यस्त चौकी रोडवेज जहां पर दिन भर में सैकड़ों यात्री आते जाते हैैं। वहां की हालत यह है कि सारे कैमरे खराब पड़े हुए हैं। यहां पर कई होटल ढाबे भी हैं। जहां दिन भर संदिग्ध आते जाते रहते हैं। पूछने पर चौकी इंचार्ज रामसुमेर साहनी ने बताया कि काफी लंबा खर्चा है। कैसे करें देखते हैं प्रयास करेंगे।
दो स्थानों पर चलते मिले कैमरे
पड़ताल में सिर्फ तामसेनगंज चौकी पर लगी एलसीडी स्क्रीन पर सभी कैमरे चलते मिले। इसके अलावा कोहना चौकी इलाके में स्थित गौसिया चौराहे पर लगे कैमरे चलते मिले जिसका कंट्रोल पास की एक दुकान में था।
कराई जाएगी मरम्मत
जिन चौकियों में भी कैमरे या डीवीआर सही नहीं है, उन चौकी इंचार्जों को निर्देश दिए जाएंगे कि वह जल्द ही उसकी मरम्मत करा लें। ताकि किसी प्रकार की घटना होने पर जल्द ही उनका खुलासा हो सके।
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पियूष सिंह, सीओ सिटी।
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