अष्टकोणीय महाआरती के साथ रविवार को नैमिष महोत्सव का आगाज होगा। चार दिवसीय इस आयोजन में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनूठी जुगलबंदी होगी। इस यादगार आयोजन का साक्षी बनने को ऋषि-मुनियों की तपोस्थली संवर चुकी है। पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति जगदीश भल्ला अष्टकोणीय महाआरती से नैमिष महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
जिले में पहली बार हो रहे नैमिष महोत्सव को लेकर हर किसी में कौतुहल है। महोत्सव में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इसे भव्यता प्रदान करेंगे। महोत्सव के शुभारंभ के बाद रविवार शाम आठ बजे ‘आध्यात्मिक शाम संतों के नाम’ कार्यक्रम में प्रख्यात गायक प्रेम प्रकाश दुबे के सुरों में आरती, नैमिष महात्म्य का वर्णन होगा।
इसके बाद मो. शेख इब्राहिम द्वारा हार्ट एंड बीट, फ्यूजन गायन का कार्यक्रम होगा। फिर मथुरा के विनय और उनकी टीम द्वारा बरसाने की होली, कृष्ण लीला का मंचन किया जाएगा। नैमिष महोत्सव के दूसरे दिन 28 नवंबर की शाम को ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम होगा। इसमें पीएसी के बैंड अपना जलवा बिखरेंगे।
इसके बाद मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा के सुरों से शाम सजेगी। लखनऊ की सुरभि सिंह टंडन द्वारा कथक सोलो की प्रस्तुति की जाएगी। इस अवसर पर कारगिल शहीद कैप्टन मनोज पांडेय की मां मोहिनी पांडेय तथा पिता गोपी चंद्र पांडेय का सम्मान किया जाएगा। महोत्सव के तीसरे दिन 29 नवंबर को स्कूली छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
शाम 5:30 बजे टीवी कलाकार आयुषी पांडेय लोकगीत पेश करेंगी। राजू सक्सेना द्वारा अवधी, गजल, भोजपुरी गीतों का कार्यक्रम होगा। राजस्थान के अजय याज्ञनिक सुंदरकांड प्रस्तुत करेंगे। महोत्सव के समापन पर 30 नवंबर को दोपहर तीन बजे से बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।
इसके बाद संतों का सम्मान किया जाएगा। पूजा अग्रवाल कथक नृत्य की प्रस्तुति से चार चांद लगाएगी। वहीं लोक गायिका वंदना मिश्रा द्वारा भोजपुरी, अवधी गीतों की महफिल सजेगी। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार व पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन व मंडलायुक्त भुवनेश कुमार मौजूद रहेंगे।