जिले के गांजरी क्षेत्र में कहर बरपा रही घाघरा नदी का जलस्तर काफी घट गया है। इसके बाद भी लोगों की मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रही है। तटीय क्षेत्र में लोग बीमार होते जा रहे हैं। इन लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। बीमारियों का कारण क्षेत्र में जलभराव होना बताया जा रहा है।
घाघरा नदी के जलस्तर में मंगलवार रात से तेजी से गिरावट आई है। रेउसा क्षेत्र के ग्राम निर्मलपुरवा, रामलाल पुरवा, गोडिय़न पुरवा, सिसैया बाजार आदि गांवों में नदी का पानी कम हो गया है।
इससे इन गांवों में हो रही कटान थम गई है। जगह जगह जलभराव होने से लोग बीमारियों की चपेट में आते जा रहे हैं। खासकर बच्चों को बीमारियां तेजी से चपेट में ले रही हैं। बच्चों के शरीर पर दाने देखने को मिल रहे हैं, वहीं वे बुखार, उल्टी जैसी बीमारियों की चपेट में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले जब नदी में बाढ़ आई थी, तब गांव व आसपास के क्षेत्र में स्थित गड्ढों में पानी भर गया था। बाढ़ तो चली गई, लेकिन पानी गड्ढों में भरा हुआ है। जिसमें मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण इस क्षेत्र में बीमारियां फैल रहीं है। प्रशासन ने न तो फॉगिंग कराई है और न ही क्षेत्र में ब्लीचिंग का छिड़काव किया है।
स्वास्थ्य टीमें भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रही हैं। जिसकी वजह से लोग परेशान हैं। उधर, घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से 74213 क्यूसेक पानी शारदा व घाघरा नदियों में छोड़ा गया है। इस पानी की मात्रा इतनी नहीं है कि घाघरा नदी का जल स्तर ज्यादा बढ़ सके। इससे बाढ़ का खतरा लगभग टल सा गया है।