जिले में डेंगू रोग तेजी से पांव पसार रहा है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा आंकड़ों की बाजीगरी में लगा हुआ है। शनिवार को जिले में तीन और मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। ये तीनों मरीज प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज कराने पहुंचे थे। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव मिलने के बाद उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया है।
इन मरीजों के सामने आने से अब जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग अब भी मानने को तैयार नहीं है, कि यहां पर डेंगू का प्रकोप फैला हुआ है। हरगांव डाक बंगला निवासी शिवशंकर लाल की पत्नी केशकुमारी (50) को पांच दिनों से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिवार के सदस्य उसे लेकर निजी डॉक्टर के यहां पहुंचे।
पैथालॉजी जांच के बाद पता चला कि केशकुमारी डेंगू की चपेट में हैं। प्लेटलेट्स काउंट 35000 निकली। डॉक्टर ने उन्हें तत्काल लखनऊ रेफर कर दिया। मोहल्ला मुंशीगंज निवासी ओम प्रकाश के पुत्र शिवम उर्फ शिवा को भी एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। जांच में उसे भी डेंगू होने की पुष्टि हुई। डॉ. केडी जोशी ने बताया कि शिवा की प्लेटलेट्स बेहद कम निकली।
उसकी प्लेटलेट्स 10000 के करीब थी। उसे भी लखनऊ रेफर कर दिया। महोली के बड़ागांव निवासी रामशंकर की पत्नी गीता देवी (50) को भी एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। जांच में उसमें भी डेंगू की पुष्टि हुई। गीता की प्लेटलेट्स काउंट 30000 थीं। डॉ. मुदित पांडेय ने बताया कि प्लेटलेट्स काफी तेजी से गिर रहीं थीं। जिसकी वजह से गीता को लखनऊ रेफर कर दिया गया।
जबकि जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही के डर से डेंगू व बुखार के मरीज सीधे निजी डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। उधर, स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी इससे पूरी तरह अनभिज्ञता जता रहे हैं। इसी के साथ जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।