सीतापुर। जिले में कोरोना ने तेजी से रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार को एक बार फिर से विकास भवन चर्चा में आ गया। डीपीआरओ कार्यालय के तीन कर्मचारी पॉजिटिव मिले। यह कर्मचारी डीपीआरओ से संक्रमित होना बताए जा रहे हैं। इससे विकास भवन के कर्मचारी आक्रोशित हो गए हैं। इसके अलावा शहर में छह, बिसवां, रेउसा, नैमिषारण्य में कुल 17 पॉजिटिव केस मिले है। इससे जिले में अब पॉजिटिव केसों की संख्या 190 से बढ़कर 207 पहुंच गई है।
कोरोना का कहर सीतापुर में बढ़ता ही जा रहा है। दो दिन पहले डीपीआरओ पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद विकास भवन को 72 घंटे के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद डीपीआरओ विभाग के कर्मचारियों की जांच की गई जिसमें तीन कर्मचारी पॉजिटिव मिले हैं। इससे विकास भवन में एक बार फिर से हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है जब तक सभी कर्मचारियों की जांच नहीं होगी तब तक विकास भवन सुरक्षित नहीं है। इससे शुक्रवार को फरियादी भी भयभीत दिखे।
कर्मचारियों का कहना है जब 72 घंटे के लिए विकास भवन को बंद किया गया था तो कुछ कर्मचारियों को बुलाया गया था। बुलाए गए कर्मचारी ही पॉजिटिव मिले हैं। इससे कर्मचारियों में जिला प्रशासन के खिलाफ ही आक्रोश उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा रेउसा में एक, बिसवां में दो, नैमिषारण्य में एक पॉजिटिव केस सामने आया है।
शहर के मन्नी चौराहा में दो, मुंशीगंज में एक, ब्रम्हपुरी मोहल्लें में एक, तरीनपुर व खूबपुर में एक-एक केस सामने आया है। इससे शुक्रवार को पॉजिटिव केसों की संख्या 17 हो गई है। जनपद में अब तक कोरोना मरीज 190 से बढ़कर 207 तक पहुंच गए हैं। एसीएमओ डॉ. उदय प्रताप ने बताया कि पॉजिटिव केसों के संपर्क में आए लोगों की डिटेल निकाली जा रही है। इनको कोविड एल-वन हॉस्पिटल खैराबाद में भर्ती कराया गया है।
जिला महिला चिकित्सालय में एक साथ तीन पॉजिटिव केस आने से हड़कंप मच गया था। इस पर जिला अस्पताल की ओपीडी दो दिन के लिए बंद कर दी गई है। शुक्रवार को कई महिलाएं अपने बच्चों को टीका लगवाने अस्पताल आईं। जब गार्ड ने कोरोना के चलते उनको अंदर नहीं जाने दिया तो वे उलझ गईं। इससे कई बार मरीजों के बीच नोकझोंक होती रही। वहीं केवल इमरजेंसी सेवाएं ही अस्पताल में जारी रहीं।
विकास भवन कर्मचारी संघ के आलोक मिश्रा ने बताया विकास भवन में काम कर रहे कर्मचारियों पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है। इससे आक्रोशित होकर कर्मचारी शुक्रवार को विकास भवन छोड़कर अपने घर चले गए। उनका कहना है डीडीओ को इसकी जानकारी दे दी गई है। जब तक सभी कर्मचारियों की जांच नहीं हो जाती है तब तक कर्मचारी विकास भवन नहीं आएंगे।