कार्यभार ग्रहण कराने में भ्रष्टाचार करना तीन बीईओ को महंगा पड़ गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के आरोप के आधार पर बीएसए ने इन्हें नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अंदर जवाब देना होगा। छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रशिक्षु शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति दी गई थी।
इसको लेकर बीएसए ने 10 नवंबर को बीईओ को निर्देशित किया था कि वह अपने विकास खंड के शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करें, लेकिन बीईओ ने कार्यभार ग्रहण कराने में भ्रष्टाचार किया। शिक्षकों से धन उगाही की। इसकी भनक लगते ही प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए को ज्ञापन दिया था।
जिसके जरिए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी। अन्यथा प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। यह हालात सभी विकास खंडों के थे। इस आरोप का संज्ञान लेते हुए बीएसए संजीव सिंह ने हरगांव, एलिया व मछरेहटा बीईओ को नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अंदर जवाब देना होगा। उसके बाद कार्रवाई होगी।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने सभी बीईओ पर धन उगाही करने का आरोप लगाया था। जबकि कार्रवाई केवल तीन बीईओ पर हुई है। बीएसए की इस कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है। संघ के जिला मंत्री रवींद्र दीक्षित का कहना कार्यभार ग्रहण कराने में सभी विकास खंडों में भ्रष्टाचार हुआ था।
शिक्षकों से जमकर धन उगाही की गई थी। जब कार्रवाई होनी है तो सभी पर होनी चाहिए। पूरे मामले की जांच हो। लेकिन केवल तीन बीईओ को ही नोटिस जारी करना नामंजूर है। चेतावनी दी यदि पूरे प्रकरण में 29 नवंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो अगले दिन बीएसए कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।