धान विक्री के लिये सत्यापन कराते किसान।
गोंडा। जिले में धान खरीद की रफ्तार अब तक बेहद सुस्त बनी हुई है। अगर यही स्थिति रही तो किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शासन की ओर से इस बार धान खरीद का लक्ष्य एक लाख 18 हजार मीट्रिक टन तय किया गया है। दिसंबर के पहले सप्ताह तक महज 5223 मीट्रिक टन धान ही खरीदा जा सका है। इस धीमी प्रगति से न सिर्फ प्रशासन की चिंता बढ़ गई है, बल्कि किसानों में भी निराशा का माहौल है।
अब तक जिले के सरकारी क्रय केंद्रों पर सिर्फ 1197 किसानों ने धान बेचा है। लक्ष्य की तुलना में खरीद का यह आंकड़ा बेहद कम है। किसान संगम लाल ने कहा कि वह गल्ला मंडी में धान बेचने गए थे, लेकिन जगह न होने की बात कहकर धान की खरीद नहीं की गई। मजबूरी में मंडी में ही आढ़ती के हाथों में बेचना पड़ा। ऐसे में नुकसान भी हो रहा है।
चार दिन से धान तौल ठप, किसान लौटे खाली हाथ
हलधरमऊ/ परसपुर। कादीपुर स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र पर गोदाम भरे होने के बावजूद मिल द्वारा स्टॉक का उठान न करने से चार दिन से धान तौल ठप है। सोमवार से खरीद बंद है। बृहस्पतिवार को गोदाम में ताला लगा मिलने पर किसान खाली हाथ लौट गए। केंद्र प्रभारी गौरव कुमार के अनुसार अब तक करीब 3900 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, लेकिन केंद्र से जुड़ी दोनों मिलों ने उठान नहीं किया है, जिससे खरीद प्रभावित हो रही है।
परसपुर के गोगिया स्थित बी-पैक्स त्यौरासी/गोगिया पर ई-पॉश मशीन दुरुस्त होने के बाद बृहस्पतिवार को खरीद शुरू हुई। सचिव प्रवीण शुक्ल ने बताया कि किसान राजेश्वर सिंह से 99.20 क्विंटल व गुरुदयाल सिंह से 30 क्विंटल धान खरीदा गया। डिप्टी आरएमओ एनके पाठक ने बताया कि उठान न होने से कई केंद्रों पर गोदाम फुल होने की सूचना मिली थी। लेकिन अब राइस मिलों की ओर से उठान शुरू कर दिया गया है। 1197 किसानों से खरीद की गई है, जिसके सापेक्ष करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है।