सीतापुर के रेउसा में युवक के घाघरा में बहने के बाद रोते बिलखते परिवारीजन।
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दधि उत्सव के बाद घाघरा में मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने गया एक युवक नदी में बह गया। उसके बहने पर वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। नाव से भी नदी में बहे युवक को निकालने का प्रयास हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। साथ ही ग्रामीण युवक की तलाश में जुट गए हैं। नदी में बहा युवक रेउसा इलाके का निवासी था और वह तम्बौर क्षेत्र में घाघरा किनारे मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में गया था।
रेउसा थानाक्षेत्र के कोलिया छेड़िया गांव से सोमवार को दधि उत्सव निकाला गया। जिसके बाद लोग दधि उत्सव के साथ तम्बौर इलाके के धूसपुरवा मजरा मेउढ़ी छोलहा गांव के पास घाघरा नदी में मूर्ति विसर्जित करने गए थे।
इस कार्यक्रम में कोलिया छेड़िया निवासी विजय पाल सिंह (30) पुत्र कंठा सिंह भी शामिल होने के लिए गया था। घाघरा नदी किनारे पहुंच कर लोग मूर्तियों को विसर्जित करने लगे। विसर्जन के लिए लोग मूर्तियां लेकर नदी के अंदर घुस गए और मूर्तियों का विसर्जन करने लगे।
इसी बीच मूर्ति विसर्जन में शामिल विजय पाल गहरे पानी में पहुंच जाने की वजह से नदी के तेज बहाव में बहने लगा। उसको बहता देखकर वहां मौजूद लोगों ने पहले तैर कर बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। कई लोग उसके बहाव के साथ ही नदी किनारे भागने लगे।
कुछ अन्य ग्रामीण फौरन नाव लेकर उसे बचाने पहुंच गए, लेकिन विजय पाल नदी में बह गया। नाकाम होने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही गोताखोरों को भी उसकी तलाश में जुटा दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक नदी में बहे युवक का पता नहीं चल सका। पुलिस का कहना है कि मामले को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।