जिले में ‘मिनी सीएम’ कहे जाने वाले विधायक रामपाल यादव पर सपा हाईकमान ने कार्रवाई की चाबुक क्या चलाई, एक ही झटके में इनकी हनक फीकी पड़ गई। सियासी हवा के साथ ही जिले का प्रथम नागरिक बनने को जंग की तस्वीर भी बदली-बदली दिखने लगी है।
सपा हाईकमान की कार्रवाई का खौफ इस कदर कि जिले के माननीय अब बागी विधायक रामपाल यादव से कन्नी काटते दिख रहे हैं। दूसरी तरफ प्रशासन के सुर भी बदल गए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने को लेकर सपा में दो फाड़ हो चुके हैं। पीसीएफ के पूर्व अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता की पत्नी सीमा गुप्ता को पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
जबकि विधायक रामपाल यादव ने अपने बेटे जितेंद्र यादव को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा है। सोमवार को नाम वापसी के बाद भी जब जितेंद्र की दावेदारी कायम रही तो सपा हाईकमान को नागवार गुजरा।
अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए हाईकमान ने सोमवार देर शाम विधायक रामपाल यादव को सपा विधानमंडल दल से निलंबित कर दिया। बेटे जितेंद्र यादव को भी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
इस कार्रवाई के बाद सिर चढ़कर बोलने वाला उनका रुतबा गायब हो गया है। सपा के माननीय अब इनसे कन्नी काट रहे हैं।