सीतापुर। कोहरे के साथ चल रही सर्द हवा ने गलन बढ़ा दी है। दस किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही शीतलहर के कारण दोपहर में खिली धूप भी ठिठुरी नजर आई। लगातार चल रही ठंडी हवा से दिन व रात का पारा भी नीचे गिर जाने से गलन ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया। ऐसे में ठंड व गलन के बीच लोगों का घरों से बाहर निकलना भी बड़ी चुनौती दिखा। इंसानों के अलावा पशु-पक्षी तक हाड़कंपाती ठंड से परेशान दिखे।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 18 से गिर कर 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 06 से गिर 07 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गलन व शीतलहर से फिलहाल राहत को कोई उम्मीद नहीं जताई गई है। कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए लोग हीटर व अलाव का सहारा लेने को विवश दिखे। दोपहर बाद निकली धूप भी सर्द हवाओं के आगे बेअसर साबित हुई।
जिले में कोहरे, पाले व शीतलहर का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गलन के कारण हाथ पैर सुन्न पड़ रहे हैं। बुधवार सुबह कोहरे, शीतलहर व गलन के बीच हुई। कोहरे ने दृश्यता घटा दी तो हाईवे पर हेडलाइट जलाकर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। कड़ाके की ठंड से लोग देर तक घरों में रहे। सर्दी के तेवरों में नरमी न आती देख मजबूरन काम काज के लिए लोगों को घरों से बाहर निकलना पड़ा।
सीतापुर में प्राइवेट नौकरी करने वाले अमित मिश्रा ने बताया कि ऐसी गलन व ठंड में सुबह 10 बजे ऑफिस पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। गर्म कपड़ों का बोझ लादने के बाद भी ठिठुरन महसूस होती है। तहसील में निजी काम से आए राजेश कुमार ने बताया कि दोपहर बाद सूरज निकला तो कुछ राहत मिली, लेकिन लगातार चल रही बफीर्ली हवा से धूप का ताप भी बेअसर रहा। शाम ढलने के साथ ही गलन के साथ बढ़ी ठिठुरन ने लोगों की परेशानी बढ़ाना शुरू कर दी। इसके चलते रात नौ बजे से ही शहर की सड़कों व बाजारों में सन्नाटा दिखने लगा।
शरीर को गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का करें सेवन
ठंड में कोहरे व शीतलहर से बचाव आवश्यक है। सुबह की सैर इस समय न करें। व्यायाम व योगा घर पर करने से ही लाभ मिलेगा। शरीर को गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना लाभदायक होगा। इसमें ज्वार, बाजरा, उरद की दाल, च्यवनप्राश, गुड़, तिल, अश्वगंधा, मकरध्वज, अदरक की चाय व सूप आदि लाभकारी हैं।
- अमित कुमार, जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी सीतापुर