अखरी के पास धंसे पत्थरों को दुरुस्त करते मजदूर।
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ राहत परियोजना की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है। अखरी के पास बनाई जा रही ठोकर में निर्माणाधीन स्टड के धंसने से खतरे के संकेत भी मिले हैं। सोमवार को बारिश के दौरान परियोजना का काम प्रभावित रहा। बारिश रुकने पर ही बीच-बीच में मजदूर काम कर पाए। देरी से शुरू हुए काम और बारिश का मौसम सक्रिय होने पर अमर उजाला ने पहले ही बाढ़ परियोजना की सुरक्षा पर संशय जताया था।
सरयू नदी की कछार में बसे गांवों व तटबंध को बचाने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से अखरी, ग्वाहडीह और कलुवापुर के पास तीन ठोकरों का निर्माण कराया जा रहा है। बाढ़ खंड बाराबंकी के अफसरों ने यह काम 15 जून तक पूरा करने का दावा किया था। इसके बाद 30 जून तक परियोजना सुरक्षात्मक स्तर तक पहुंचाने का दावा किया गया।
इस बीच पहाड़ों पर भारी बारिश से सरयू का जलस्तर बढ़ने लगा। अब जिले में भी मानसून दस्तक दे चुका है।
अखरी के पास बनाई जा रही ठोकर में लगाए गए पत्थर पानी के बहाव से बालू व मिट्टी खिसकने के चलते धंस गए। करीब 50 मीटर तक पत्थर धंसे हैं, कुछ जगहों पर पत्थर पानी में डूब भी गए हैं। अखरी के पूर्व प्रधान देवराज तिवारी ने बताया कि अभी जलस्तर बढ़ने व बारिश की शुरुआत है। ऐसे में परियोजना का काम समय से पूरा हो पाना दूर की कौड़ी है। जगतराम ने बताया कि कार्य देरी से शुरू हुआ और बहुत धीमी गति से किया गया, जिसके चलते यह नौबत आई है।अगर सरयू उफनाई तो तेज धारा में स्टड के बहने के खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड बाराबंकी शशिकांत सिंह ने बताया कि अखरी के पास ठोकर में लगाए गए पत्थरों में हल्की दरारें आई थीं, जिसे दुरुस्त करा दिया गया है। सुरक्षित स्तर तक कार्य पूरा हो चुका है। अब बाढ़ आने पर भी परियोजना को कोई खतरा नहीं पहुंचेगा।