बिसवां में सेंवई खरीदते लोग। संवाद
सीतापुर। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पर्व को लेकर मुस्लिम परिवारों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के मुस्लिम बहुल इलाकों में चहल-पहल बढ़ गई है। बाजारों में सेंवई की दुकानें आकर्षण का केंद्र हैं। जिले के प्रमुख नगर व कस्बों में भी दुकानों पर खरीदारी का सिलसिला चल रहा है। हालांकि, भीषण गर्मी के कारण ग्राहक शाम को पहुंचते हैं।
बकरीद 27 या 28 मई को मनाई जाएगी। चांद नजर आने पर तारीख तय होगी। इस पर्व पर जहां ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में नमाज अदा की जाती है, वहीं मुस्लिम परिवारों के लोग जानवरों की कुर्बानी भी करते हैं। कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है। घरों में प्रमुख पकवान के रूप में सेंवई बनती हैं। दही-बड़े, छोले, पापड़ समेत कई अन्य पकवान भी बनाए जाते हैं।
शहर के कजियारा व कोट बाजार में दुकानों पर बनारसी, इलाहाबादी, लखनवी व कनपुरिया सेंवई ग्राहक खरीद रहे हैं। सेंवई विक्रेता अजहर ने बताया कि खुली सेंवई में मोटी वाली 70 रुपये तो महीन वाली 90 रुपये प्रति किलो है। एक किलो की पैकिंग वाली सेंवई की कीमत 120 से 160 रुपये तक है।
बिसवां के काला गेट चौराहे पर सेंवई की दुकान लगाए मो. नईम ने बताया कि गर्मी के कारण दिन में कम ग्राहक आते हैं। शाम को ग्राहक निकल रहे हैं। सेंवई की कई वैराइटी उपलब्ध हैं, लोग अपनी पसंद के मुताबिक खरीदते हैं। सेंवई को लजीज बनाने के लिए खोवा व मेवे भी मिलाए जाते हैं।
दुकानदार राजेश ने बताया कि बादाम, काजू, नारियल, किशमिश, मखाने, खोवा की बिक्री बढ़ी है। इसके अलावा कपड़े, टोपी व इत्र इत्यादि की दुकानों पर भी ग्राहक पहुंच रहे हैं।