सीतापुर। मार्च में गर्मी का सितम बढ़ते ही बिजली की मांग बढ़ गई है। महज 15 दिन में बिजली की मांग 115 से बढ़कर 121 मेगावाट हो गई है। जरूरत के मुताबिक आपूर्ति मिल रही है। कनेक्शन के मुताबिक ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने से तीन विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड हो गए हैं। इसकी वजह से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था चरमराने लगी है। रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति मिलने में मुश्किल हो रही है। इससे करीब पांच लाख की आबादी प्रभावित हो रही है।
मार्च में गर्मी शुरू हो गई है। दिन प्रतिदिन मांग बढ़ती जा रही है। घरों में कूलर, एसी, पंखा सहित अन्य उपकरण दिनरात चलने लगे है। अचानक डिमांड बढ़ने से पावर कॉर्पोरेशन को रोस्टर के मुताबिक विद्युत आपूर्ति करने में समस्याएं आने लगी है। पावर कॉर्पोरेशन का कहना है कि 15 दिन पहले जिले में 115 मेगावाट की जरूरत पड़ रही थी। रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति हो रही थी। इधर अचानक डिमांड बढ़ गई है। इस समय करीब 121 मेगावाट की जरूरत पड़ रही है। छह मेगावाट अतिरिक्त डिमांड हो गई है।
इतनी बिजली जिले को मिल रही है। मांग बढ़ने के कारण तीन उपकेंद्रों की आपूर्ति लड़खड़ाने लगी है। झरेखापुर, इमलिया सुल्तानपुर व भवानीपुर फीडर पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। यहां पर लगे ट्रांसफार्मर की क्षमता से अधिक लोड आ रहा है। इसकी वजह से इन फीडरों से जुड़े लोगों को निर्बाध रूप से आपूर्ति देने में बाधा आ रही है। लोकल फॉल्ट भी लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है। इन जगहों पर न तो रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति हो पा रही है न ही लो वोल्टेज की समस्या दूर हो पा रही है। अगर ऐसे ही गर्मी बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में इन स्थानों पर बिजली का संकट गहरा सकता है।
ट्रांसफार्मर आने पर दूर होगी समस्या
जिले के झरेखापुर, भवानीपुर व इमलिया सुल्तानपुर फीडर पर अतिरिक्त भार आ रहा है। इन जगहों की ओवरलोड की समस्या दूर करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने प्रयास शुरू कर दिए है। इन जगहों के लिए अतिरिक्त रूप से ट्रांसफार्मर की डिमांड की गई है। उम्मीद है कि अप्रैल से मई के बीच में यह ट्रांसफार्मर आ जाएंगे। इससे यह समस्या दूर हो जाएगी।
बड़े बकाएदारों की काटेगी बिजली
अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने बताया कि बिजली बकाएदार अपना तत्काल बिजली का बिल जमा कर दें। ऐसा न करने पर उनका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। 10 हजार से अधिक के बकाएदारों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है। यह अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है। अगर कोई विद्युत चोरी करते हुए मिलेगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
जिले में जरूरत के मुताबिक बिजली मिल रही है। 121 मेगावाट की खपत है तो इतनी मिल जाती है। तीन फीडरों पर भार आ रहा है। इसे भी जल्द दूर कर दिया जाएगा।
- नंदलाल, अधीक्षण अभियंता