गोंदलामऊ/सीतापुर। संदना थाना क्षेत्र में नदी में उतराते मिले 30 गोवंशों के शवों को मंगलवार को दफना दिया गया। इस काम के लिए जिला प्रशासन ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की दो टीमें बुलाईं। एक टीम ने लखनऊ जोन और दूसरी ने बरेली जोन से आकर मोर्चा संभाला। सुबह छह बजे से ही दोनो टीमें निरीक्षक चंद्रेश्वर के नेतृत्व में नदी से मृत गोवंशों को निकालने में जुटी रहीं।
एसडीआरएफ के 35 जवानों ने दोपहर एक बजे तक ऑपरेशन चलाया और गोवंशों को निकालकर दफनाने में प्रशासन का सहयोग किया। गौरतलब है कि सोमवार को सिधौली मिश्रिख मार्ग पर कोनीघाट पुल के नीचे बह रही गोमती नदी में मृत गोवंश उतराते दिखे। इसकी सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदर्शन करने लगे। मामले ने तूल पकड़ लिया। एडीएम नीतीश कुमार सिंह, एएसपी डॉ प्रवीन रंजन सिंह और एसडीएम अनिल रस्तोगी देर रात तक मोर्चा संभाले रहे। सुबह छह बजे एसडीआरएफ के साथ पशु चिकित्साधिकारियों व ब्लॉक के कर्मचारियों की एक टीम लगाई गई। एसडीआरएफ के जवान मृत गोवंशों को निकालते रहे।
चार जेसीबी, 2 नाव संग जुटे रहे 50 कर्मी
सुबह पांच बजते ही एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंच गए। उनके साथ एसडीएम अनिल रस्तोगी व राजस्वकर्मियों की टीम जुटी। एसडीआरएफ के निरीक्षक चंद्रेश्वर ने ऑपरेशन की रूपरेखा तय की। उन्होंने दो नावों को पानी में उतारा। बताया कि नदी में काई काफी ज्यादा मात्रा में होने के कारण नाव चलाने में बहुत दिक्कत आई। रस्सा बांधकर चप्पू की मदद से एसडीआरएफ के जवानों ने नावों को पानी में चलाया। नाव की मदद से गोवंशों के शवों को किनारे तक पहुंचाया। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर उन्हें दफनाया गया। चंद्रेश्वर ने बताया कि लखनऊ जोन से 18 जवान और बरेली जोन से एसआई जितेंद्र सिंह संग 17 जवानों ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। वहीं, राजस्वकर्मियों की तीन टीमें एसडीआरएफ संग लगी रहीं। इन तीन टीमों में कुल 18 राजस्वकर्मियों को लगाया गया।
30 मृत पशुओं को दफनाया गया, होगी जांच
सात घंटे के जटिल ऑपरेशन के बाद तीस गोवंशों को नदी से निकाला गया। शव विच्छेदन समिति ने शवों का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद उन्हें दफना दिया गया। नदी से बाहर निकाले गये मृत पशुओं 18 गोवंश (12 नर व 6 मादा), 9 महिष वंशीय (8 नर व 1 मादा), दो बकरी व एक नीलगाय के शव शामिल हैं। इनकी खाल व बाह्य व अंदरूनी अंग सड़े गले पाये गए। इस वजह से पशुओं की मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया।
एलआईयू भी करेगी मामले की जांच
जिला प्रशासन इस पूरे मामले की विशेष जांच एलआईयू से भी करवा रहा है। किन परिस्थितियों में गोवंश नदी में पहुंचे, इस मामले की पड़ताल की जा रही है। आसपास के गांवों में भी पड़ताल की जा रही है।