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Sitapur News: करीब 15 घंटे बाद सांसद का अनशन खत्म

Mon, 27 Apr 2026 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सांसद राकेश राठौर से बातचीत करती सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम।
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सीतापुर। शहर कोतवाल से सड़क पर धक्कामुक्की के बाद अनशन पर बैठे कांग्रेस सांसद को दूसरे दिन सोमवार को प्रशासनिक अधिकारी मनाने में सफल रहे। कमरे में एक घंटे तक चले मान-मनौवल का सार्थक नतीजा निकला और सांसद ने अनशन खत्म कर दिया। करीब 15 घंटे से ज्यादा समय तक चले अनशन के खात्मे के साथ सियासी उठापटक भी थम गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है।
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रविवार शाम गाड़ी में बैठने से रोकने पर सांसद राकेश राठौर व शहर कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडेय के बीच धक्कामुक्की हुई थी। कोतवाल पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए भड़के सांसद अपने आवास के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए थे। पुलिस का कहना था कि गाजीपुर जाने से सांसद को रोका गया था। उधर, सांसद के मुताबिक वह महोली क्षेत्र के बछवल जा रहे थे। देर शाम सीओ सिटी कपूर कुमार फिर एएसपी आलोक सिंह ने सांसद को मनाने का प्रयास किया पर बात नहीं बनी।

सांसद के अनशन पर बैठने की खबर पाकर भारी संख्या में समर्थक भी पहुंच गए। तनाव बढ़ता देख सांसद के आवास पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। रविवार रात भर सांसद अपने समर्थकों के साथ अनशन पर डटे रहे। सोमवार की सुबह सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय, एसडीएम सदर जर्नादन, एएसपी आलोक सिंह व सीओ सिटी कपूर कुमार ने सांसद को मनाने का प्रयास फिर शुरू किया।
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कमरे में एक घंटे तक चले मान-मनौव्वल के बाद आखिरकार सांसद ने अनशन खत्म कर दिया। सांसद राकेश राठौर के मुताबिक अफसरों ने शहर कोतवाल के रवैये को गलत माना, इस पर अनशन खत्म किया गया है। उधर, पूर्व जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी को भी नजरबंद किया गया। उनकी पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई। पुलिसकर्मियों ने उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया।


जांच में बढ़ा मिला बीपी व शुगर
अनशन पर बैठे सांसद का दो बार स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। रविवार रात करीब 11 बजे के चेकअप में सांसद स्वस्थ थे। सोमवार सुबह चेकअप करने पर सांसद का बीपी व शुगर बढ़ा पाया गया। इस पर जांच के लिए सांसद का ब्लड सैंपल लिया गया।



हम सिर्फ अधिकारों के लिए लड़े
हम सिर्फ अपने अधिकारों के लिए आमरण अनशन पर बैठे थे। हमारा किसी अधिकारी को झुकाने का मकसद नहीं था। हम तो अपने मित्र के साथ घर के कपड़ों में बछवल के लिए निकले थे। हमने आग्रह किया था कि हमारे साथ कोई दो पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठ जाएं और जहां हम जा रहे हैं, वहां तक चलें। इस बात को नहीं माना गया। पुलिस ने गलती स्वीकार कर ली। इसके बाद आमरण अनशन खत्म कर दिया।
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- राकेश राठौर, सांसद
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