मौसम में बदलाव से न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सर्दी का सितम देख लोग घरों से निकलने में कतराते रहे। छोटे-छोटे बच्चे शीत लहर से कांपते हुए स्कूल पहुंचे। हाड़ कंपाऊ ठंड की वजह से सुबह सड़कों पर सन्नाटा दिखा। हालांकि दोपहर एक बजे के बाद धूप खिलने पर लोगों को कुछ राहत मिली।
लेकिन सांझ ढलते ही ठंड ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए। कोहरा और बर्फीली हवाओं से बेहाल लोग घरों में दुबक गए। जिससे रात आठ बजे के बाद शहर की रौनक नदारद हो गई। घना कोहरा व सर्द हवाएं फिजां में तैरने लगीं। मौसम के जानकारों की मानें तो पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी पड़ा है।
इसी के चलते ठिठुरन बढ़ गई है। सोमवार की सुबह कोहरा व बर्फीली हवाएं चलती रहीं। ठंड ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया। कोहरे का आलम यह रहा कि पचास मीटर की दूरी पर भी कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। गर्म कपड़ों में लिपटे छोटे बच्चे स्कूल जाते समय ठंड से बेहाल दिखे।
सर्दी के तेवर देख नौकरी पेशा, दिहाड़ी मजदूरों के अलावा जरूरी काम से ही लोग बाहर निकले। दोपहर एक बजे जब धूप खिली तो लोगों ने राहत की सांस ली। ठंड से बेहाल लोग धूप सेंकने घरों की छतों व लॉन में पहुंच गए। अंधेरा घिरते ही सर्दी फिर से अपने तेवर दिखाने लगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।