महमूदाबाद/रामपुरमथुरा। दिल्ली में मौत के बाद आलोक (24) का शव सोमवार को उनके गांव चांदपुर पहुंचा। शव देखते ही परिजन फफक कर रो पड़े। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
चांदपुर निवासी आलोक दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। शनिवार शाम वह अपने मित्रों के साथ साकेत मेट्रो स्टेशन के पास कैंटीन में खाना खा रहे थे। अचानक पास में बनी एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। उसका मलबा कैंटीन पर गिर गया। खाना खा रहे कई लोग मलबे में दब गए, जिसमें आलोक भी शामिल थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
उनके दोस्तों ने परिजनों को फोन कर हादसे की जानकारी दी। खबर सुनते ही मानों परिजनों के पैर से जमीन खिसक गई। आननफानन में परिजन दिल्ली पहुंचे। वहां पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को शव गांव लेकर पहुंचे, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
आईएएस बनना चाहते थे आलोक
रोते हुए आलोक के पिता सत्यवान ने बताया कि आलोक बचपन से ही मेधावी थे। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा महमूदाबाद से हासिल की। उसके बाद आईआईटी परीक्षा पास करके एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश लिया। सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। आलोक आईएएस बनना चाहते थे। वह 2024 में बीटेक पास करने के बाद दिल्ली चले गए थे। पिता सत्यवान बिसवां में डाक विभाग में एमटीएस के पद पर कार्यरत हैं। आलोक की मां सावित्री देवी गृहिणी हैं। उनका एक भाई आकाश बीफार्मा कर रहा है।