गोंदलामऊ। ग्रामीण इलाकों में हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना क्षेत्र में नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत चरितार्थ कर रही है। जहां लोग पिछले चार-पांच सालों से स्वच्छ जल की राह ताक रहे हैं। इस भीषण गर्मी में भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलना दूर की कौड़ी है। जिम्मेदारों की इस लापरवाही से लोगों में नाराजगी है।
गोंदलामऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायत गांगूपुर में 10 अगस्त 2021 को 5.66 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था। टंकी का ढांचा खड़ा करने के बाद काम बंद कर दिया गया। ग्राम प्रधान बीनू सिंह ने बताया कि दो महीने बाद इस काम को शुरू हुए पूरे पांच साल हो जाएंगे, लेकिन अब तक न तो टंकी का निर्माण पूरा हुआ और न ही पाइपलाइन बिछाई जा सकी।
स्थानीय निवासी रामलखन ने कहा कि जब काम शुरू हुआ था, तब गांव की करीब 9,839 की आबादी को उम्मीद जगी थी कि अब घरों में साफ पानी आएगा, लेकिन यह लगातार पांचवीं गर्मी है जब घरों तक पाइप ही नहीं पहुंचाए जा सके हैं। अरुण कुमार ने बताया कि पांच साल से पाइप भी पड़े-पड़े जर्जर हो गए। ग्रामीणों की उम्मीद इस सीजन में भी पूरी होती नजर नहीं आ रही है।
इसी तरह ग्राम पंचायत आमाघाट में 21 सितंबर 2022 को जल जीवन मिशन के तहत 3.17 करोड़ रुपये की लागत का प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। गांव के दिलीप मिश्र ने बताया कि सरकार की योजना बेहद शानदार है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण यह विफल होती नजर आ रही है।
सुनील कुमार पांडेय और सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि चार साल से निर्माण अधर में है और अभी तक मुख्य पाइपलाइन भी नहीं बिछाई जा सकी है, जिससे गांव की 5,150 की आबादी चार साल से उम्मीद लगाए है। सुरेश का कहना है कि इस पूरी योजना में अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही उजागर हो रही है।
जल्दी पूरे कराए जाएंगे सभी काम
गोंदलामऊ की जिन ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य अधूरा है, उन्हें जल्द ही पूरा कराया जाएगा। हमारा लक्ष्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना है, और ग्रामीणों को जल्द ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
- संतोष कुमार, सहायक अभियंता जल निगम