इमलिया सुल्तानपुर। क्षेत्र के फतेपुर मातिनपुर में पिता-पुत्र छोटे खां और मैसर खां की हत्या के बाद लगातार मिल रही धमकियों से परेशान परिजनों ने बुधवार को गांव छोड़ दिया। वे सारी गृहस्थी बटोर कर खीरी के मितौली चले गए, जहां परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। गांव छोड़ने से पहले परिजनों ने बताया कि नामजद छह में से दो आरोपी अब भी गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। वे लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
मृतक मैसर के भाई इशरत ने बताया कि आरोपी काफी दबंग हैं। मेरे पिता व छोटे भाई मैसर की हत्या हुई है। भागे हुए हत्यारोपी लगातार जान से मारने व खेत पर कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, मैसर की मां ने बताया कि अब यहां से सारी गृहस्थी समेट कर खीरी के मितौली में ही रहेंगे, वहां परिवार के अन्य सदस्य हैं। इनमें मैसर का 17 वर्षीय पुत्र अशहद और सात माह की बच्ची है। परिजनों ने बुधवार को ट्रैक्टर ट्रॉली लाकर सारा सामान उस पर लादा और गांव से निकल गए।
अब तक चार गिरफ्तारियां
इस दोहरे हत्याकांड में मृतक छोटे खां के दामाद महफूज ने गांव के ही छह लोगों अजयपाल, नंगा उर्फ नागेश, टामू, विकटू उर्फ श्यामल, शिव पूजन और कामता प्रसाद पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। इनमें अजयपाल, नागेश, शिवपूजन और टामू को एसओजी की मदद से गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, विकटू और कामताप्रसाद भागे हुए हैं। इनसे ही पीड़ित परिवार के लोगों ने जान का खतरा बताया है।
नृशंसता से हुई थी हत्या
26 दिसंबर को शाम सात बजे छोटे उर्फ अख्तर खां बेटे मैसर खां के साथ एसडीएम सदर के यहां से जमानत कराकर बाइक से अपने घर फत्तेपुर मातिनपुर जा रहे थे। छोटे खां के दामाद लहरपुर के नौव्वापुर गांव निवासी महफूज ने बताया कि जैसे ही दोनों फत्तेपुर के पंचायत भवन के पहले पहुंचे तो रोड के आसपास झाड़ियों में छिपे विपक्षी अजयपाल, नंगा उर्फ नागेश, टामू, विकटू, शिवपूजन और कामता प्रसाद ने दोनों पर फायरिंग शुरू कर दी। इससे पिता-पुत्र की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने धारदार हथियार से वार कर दोनों के चेहरे क्षत विक्षत कर दिए थे। दिये। पीछे दूसरी बाइक से आ रहे मैसर खां के पुत्र अशहद व उसकी मां ने अपनी आंखों से बाइक की रोशनी में सारी घटना देखी। खबर पाकर महफूज भी मौके पर पहुंचे थे।
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मीडिया को बाइट क्यों दे रहे...
पीड़ित परिवार बुधवार को गांव से जाने के लिए सामान समेट रहा था तो मीडियाकर्मी पहुंचकर इसकी कवरेज करने लगे। सूत्रों के अनुसार इसकी जानकारी होने पर इंस्पेक्टर श्यामू कनौजिया ने परिजनों को फोन कर मीडिया को बयान देने से मना किया। साथ ही परिजनों को बताया कि जो बयान दे रहा है, वह सारा काम बिगाड़ रहा है। ये बाइट डिलीट करवाओ। हालांकि, इसके बाद परिजन सामान समेट कर मितौली के लिए निकल गए।