सदरपुर के एक गांव निवासी युवक ने गांव के ही बबलू पर अपनी बेटी का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किए जाने की एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 30 मई 2011 को दर्ज कराई रिपोर्ट के बाद पुलिस ने नाबालिग को बबलू व उसके एक अन्य साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी की गिरफ्तारी व लड़की की बरामदगी के बाद पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया। जांच कर बबलू के विरुद्घ पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। सुनवाई के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को सच पाते हुए न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 27 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके अलावा न्यायालय ने यह व्यवस्था भी की है, कि अर्थदंड जमा न करने की दशा में अभियुक्त को साढ़े तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।