जानकारी पाकर पहुंचे ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन से पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया। करीब पौन घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया।
मऊ गांव निवासी माया देवी उर्फ रामरती (55) पत्नी रामे हिंद अस्पताल में आया के पद पर तैनात थीं। परिवारीजन के मुताबिक बुधवार शाम वह अस्पताल से घर जा रही थीं। इसी बीच रोडवेज बस उसे टक्कर मार कर निकल गई।
माया देवी की मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि इस बीच वहां अस्पताल प्रशासन का कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, बल्कि घटना की जानकारी होने के बाद भी गेट बंद कर लिया गया था। इससे मृतका के परिवारीजन व ग्रामीण नाराज हो गए और हाईवे पर जाम लगा दिया।
करीब पौन घंटे तक हाईवे जाम रहा। खबर पाकर सीओ सिधौली आरएन सिंह व अटरिया पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच जाम लगाए लोगों ने अस्पताल प्रशासन से पांच लाख मुआवजे की मांग की। पुलिस ने लोगों को समझाया और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद जाम खुल सका।
जाम खोलने के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन लोगों ने अस्पताल गेट के सामने लाश रखकर मुआवजे की मांग शुरू कर दी। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों के आने का इंतजार किया जा रहा था।