पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से बुधवार को समूचा जिला बर्फीली हवाओं की चपेट में रहा। धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठंड के कारण परेशान रहना पड़ा। हवा में नमी बढ़ने से पारा लुढ़क गया। अधिकतम पारा 17 तो न्यूनतम 5 डिग्री दर्ज किया गया।
कड़ाके की ठंड से बेहाल लोग अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने के हर जतन करते नजर आए। ठंड के सितम ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। शाम होते ही लोग घरों की ओर रुख कर लेते हैं। वहीं सुबह आठ बजे के बाद बिस्तर से निकलते हैं।
बुधवार की सुबह आसमान साफ रहने से कोहरा जल्दी छंट गया। लेकिन बर्फीली हवाएं लोगों को दिनभर परेशान करती रहीं। चाहकर भी लोग बिस्तर से जल्दी बाहर नहीं निकल सके। सुबह करीब 8:30 बजे सूरज निकला तो सही पर ठंड में कमी नहीं हुई। 10 किमी. प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाली बर्फीली हवा सितम ढाती रही।
पहाड़ों से टकराकर आने वाली ठंडी हवाएं पूरे दिन लोगों को ठिठुरने पर मजबूर करती रहीं। चटख धूप पर भी सर्द हवा भारी पड़ी। इस कारण लोग शरीर को गर्म कपड़ों में अच्छी तरह लिपट कर ही बाहर निकले। शाम गहराते ही ठंड भी बढ़ गई। गलन से बेहाल लोग घरों में जा दुबके।
शहर की सड़कें शाम आठ बजे सूनी नजर आने लगीं। हवा में नमी बढ़ने से पारा लुढ़क गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हवा में नमी के कारण सर्दी का यह असर जारी रहेगा। बुधवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।