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खनन अधिकारी से अभद्रता: माफिया ने 10 फीट गहराई तक खोद डाली जमीन, जांच टीम गठित; एससी-एसटी आयोग भी हुआ सक्रिय

Thu, 14 Nov 2024 10:12 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर

सार

खनन अधिकारी से अभद्रता के मामले में डीएम ने जांच के लिए कमेटी गठित की है। माफिया ने 10 फीट गहराई तक जमीन खोद डाली। मामले में एससी-एसटी आयोग भी सक्रिय हुआ है।
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इसी स्थान पर किया गया अवैध खनन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यूपी के सीतापुर में खनन अधिकारी से अभद्रता के मामले में बृहस्पतिवार को डीएम के आदेश पर घटनास्थल की जांच करने के लिए एक टीम पहुंची। घटना में बुधवार रात ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं मुख्य आरोपी फरार हैं। बता दें कि रामकोट के धनईखेड़ा गांव में छह तारीख अवैध खनन की सूचना पर पहुंची खनन अधिकारी से माफियाओं ने अभद्रता की थी। वीडियो बनाने के दौरान उनका मोबाइल तोड़ दिया गया था। 

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मामले में डीएम अभिषेक आनंद ने कई बिंदुओं पर जांच करने के लिए एक टीम को गठित कर घटनास्थल पर भेजा। जहां टीम मौके पर पहुंची तो उसको अजब गजब नजारा देखने को मिला है। करीब 100 बीघे के एक चक में माफियाओं ने खनन कर उसे बंजर बना दिया था। 

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आलम यह था कि जो जमीन खनन से अछूती थी, वह करीब दस फीट ऊपर थी। बृहस्पतिवार को ही खनन अधिकारी से राज्य महिला आयोग की सदस्य ने मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बात हुई। सदस्य ने उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात कही। दोनों के बीच जिले की खनन की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई।

खुद को बचाने में जुटे मुख्य आरोपी

पुलिस मामले में मुख्य आरोपी अरजीत शुक्ला, दिवाकर प्रसाद अभी तक पुलिस की पहुंच से दूर है। सूत्रों के मुताबिक अरजीत शुक्ला का शहर में भी एक मकान बना हुआ है। जिसमें उसका परिवार रहता है। कोतवाली से उसके घर की दूरी चंद कदमों पर ही है। 

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दिवाकर उसके यहां नौकरी करता है, अक्सर अनुज्ञा लेने के लिए वह खनन कार्यालय आता जाता रहता था। सूत्रों की मानें तो दोनों आरोपी अपने आप को बचाने की फिराक में जुटे हैं। वह कई माननीयों के पास जाकर भी मुलाकात कर चुके हैं।

एससी-एसटी आयोग भी हुआ सक्रिय

एससी-एसटी आयोग ने इस पूरे मामले में जिला प्रशासन से एक रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि आयोग का इस पूरे मामले पर कड़ा रुख है। जिला प्रशासन इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजेगा।
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चार सदस्यीय जांच टीम में रहे यह लोग

जिलाधिकारी के आदेश पर मौके पर एक जांच टीम भेजी गई। इसमें कानूनगो नैय्यर अब्बास, लेखपाल हरिकरन व उनके दो सहयोगी शामिल रहे।
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