आलम यह था कि जो जमीन खनन से अछूती थी, वह करीब दस फीट ऊपर थी। बृहस्पतिवार को ही खनन अधिकारी से राज्य महिला आयोग की सदस्य ने मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बात हुई। सदस्य ने उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात कही। दोनों के बीच जिले की खनन की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई।
खुद को बचाने में जुटे मुख्य आरोपी
दिवाकर उसके यहां नौकरी करता है, अक्सर अनुज्ञा लेने के लिए वह खनन कार्यालय आता जाता रहता था। सूत्रों की मानें तो दोनों आरोपी अपने आप को बचाने की फिराक में जुटे हैं। वह कई माननीयों के पास जाकर भी मुलाकात कर चुके हैं।
एससी-एसटी आयोग भी हुआ सक्रिय
एससी-एसटी आयोग ने इस पूरे मामले में जिला प्रशासन से एक रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि आयोग का इस पूरे मामले पर कड़ा रुख है। जिला प्रशासन इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजेगा।
चार सदस्यीय जांच टीम में रहे यह लोग
जिलाधिकारी के आदेश पर मौके पर एक जांच टीम भेजी गई। इसमें कानूनगो नैय्यर अब्बास, लेखपाल हरिकरन व उनके दो सहयोगी शामिल रहे।