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शिक्षकों को घर से शिक्षण कार्य की मिले अनुमति

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सीतापुर। उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष खुश्तर रहमान खां ने जिले में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर जिलाधिकारी को मांगपत्र दिया। इसके जरिए विद्यालयों में शिक्षकों को सहूलियतें देने व घर से ही शिक्षण कराने की मांग की है।
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ज्ञापन में कहा कि विभागीय आदेशानुसार परिषदीय विद्यालयों को एक जुलाई से पूरी तरह खोल दिया गया है और सभी शिक्षक-अनुदेशक व शिक्षामित्र अपने विद्यालय में सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक उपस्थित हो रहे हैं। इनमें से बहुत सारे शिक्षक-शिक्षिका गैर जिले के निवासी है, जो लॉकडाउन अवधि में अपने गृह जिले में चले गए थे। विद्यालय खुलने पर गैर जिले के निवासी शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने तैनाती विद्यालय में उपस्थित होने को सीतापुर लौटे हैं।
जबकि विद्यालयों में कोविड-19 से बचाव के समुचित साधन उपलब्ध नहीं हैं। आवागमन दुरूह होने से कतिपय शिक्षक-शिक्षिकाओं को एकसाथ एक ही वैन-वाहन से स्कूल आना-जाना पड़ता है। जिससे प्रतिदिन शिक्षक एक-दूसरे के संपर्क में आ रहे हैं। इससे कोविड-19 का संक्रमण बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
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पिछले दिनों जिले के एक शिक्षक की कोरोना से दुखद मृत्यु का समाचार भी मिला है और उनके संपर्क में आने वाले अन्य लोगों के संक्रमित होने की सूचना भी सोशल मीडिया पर प्राप्त हो रही है। इससे शिक्षक-अनुदेशक एवं शिक्षामित्रों में कोविड-19 के संक्रमण को लेकर डर और घबराहट है। विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित होने से विभागीय निर्देशानुसार व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शिक्षण कराया जा रहा है।
विद्यालयों में शिक्षकों के स्तर पर वर्तमान में कोई काम शेष नहीं है। एमडीएम संबंधी कार्य करीब पूरे होने की स्थिति में हैं, जिसे प्रधानाध्यापक अथवा किसी एक सहायक की सहायता से अंतिम पायदान तक पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए सभी स्टाफ का स्कूल में उपस्थित होना आवश्यक नहीं है। ऑनलाइन शिक्षण कार्य शिक्षकों-अनुदेशकों व शिक्षामित्रों के स्तर पर घर से भी किया जा सकता है।
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