मानदेय भुगतान में देरी से खफा वित्त विहीन शिक्षकों ने अब आरपार की लड़ाई लड़ेगी। इस लेकर चार सितंबर को राजधानी लखनऊ में विधान भवन का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में सीतापुर जनपद से हजारों की संख्या में वित्त विहीन शिक्षक लखनऊ जाएंगे।
उत्तर प्रदेश वित्त विहीन शिक्षक महासंघ के जिला उपाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों ने सत्ताविहीन सपा सरकार को सत्तासीन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वित्तविहीन शिक्षकों को सत्तासीन होने पर जीविकोपार्जन मानदेय दिये जाने वादा किया था। सत्तासीन होने के बाद सरकार वादाखिलाफी कर रही है।
3 लाख की संख्या वाला यह संगठन अब सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में सड़कों पर उतरने पर विवश है। कहा कि यदि सरकार द्वारा इसी सितंबर माह से मानदेय दिये जाने की घोषणा नहीं करती है तो 4 सितंबर के विशाल धरने के बाद आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
4 सितंबर को सारे वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों और शिक्षकों को कॉलेज बंद कर लखनऊ पहुंचने की अपील की है। ब्लॉक अध्यक्ष मनोज सिंह ने शिक्षकों की सहनशीलता का अनुचित लाभ उठाने का आरोप सरकार पर लगाया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक अब जागरूक हो गया है,जो मानदेय न मिलने पर 2017 के विधानसभा चुनाव में सत्तासीन सपा सरकार को सत्ताविहीन करने का काम करेगा। सभा को प्रदीप प्रजापति, आनंद सिंह, दिनेश सिंह, वीरेंद्र शुक्ल, हरिवंश मिश्रा आदि ने संबोधित किया।
इस अवसर पर कौशल यादव, मनोज मिश्रा, राजेश मौर्य, विनोद, दिलीप सिंह, राकंश श्रीवास्तव, रवीन्द्र सिंह, अमरेश वर्मा, पंकज वर्मा, विवेक, संतोष आदि शिक्षक उपस्थित थे।