शिक्षण कार्य के दौरान सरकारी काम बताकर बीएसए कार्यालय के चक्कर काटने वाले शिक्षक-कर्मचारियों पर अब लगाम लगेगी। अब बिना अनुमति के वे बीएसए दफ्तर पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनुमति बीईओ व प्रधानाध्यापक से लिखित रूप से लेनी होगी।
बीएसए पन्नाराम का कहना है जनपद में पदभार ग्रहण करने के बाद यह संज्ञान में आया है। यहां पर अधिकतर शिक्षक-कर्मचारी शिक्षण कार्य के दौरान अपने प्रकरण के निस्तारण को लेकर बीएसए कार्यालय पर घंटों मौजूद रहते है।
यहां आने के लिए वे आकस्मिक अवकाश भी नहीं लेते है। इसकी हकीकत कई बार औचक निरीक्षण में उजागर हो चुकी है। इससे स्कूल की पढ़ाई बाधित होती है। शिक्षकों की इस प्रवृत्ति पर लगाम लगाई जाएगी। अब अगर किसी शिक्षक को अपनी समस्या के निस्तारण के लिए कार्यालय आना है तो इसके लिए बीईओ व प्रधानाध्यापक से लिखित अवकाश की अनुमति लेनी होगी।