सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली बयां करने के लिए यह तस्वीर काफी है। एलिया के प्राथमिक विद्यालय दहेलिया में कुर्सी-मेज न होने से छात्र ईंट पर बैठकर परीक्षा देते दिखे।
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परिषदीय परीक्षा में नकल कराने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। प्राथमिक विद्यालय सलारपुर में गुरुजी ब्लैक बोर्ड पर उत्तर लिखाते मिले। हद तो तब हो गई जब एक विद्यालय में गणित के बजाय कला का प्रश्नपत्र हल करवा दिया गया।
कस्तूरबा विद्यालय में बिना कक्ष निरीक्षक के तीन कमरों में परीक्षा चल रही है। कक्ष निरीक्षक वार्डेन रूम में बैठी गपशप लड़ा रहीं थीं। इसका खुलासा पर्यवेक्षक के औचक मुआयने में हुआ। जिस पर कार्रवाई के लिए बीएसए को रिपोर्ट भेज दी है।
इस बार परिषदीय परीक्षाएं बोर्ड की तर्ज पर हो रही हैं लेकिन शिक्षक पुराने ढर्रे पर ही परीक्षा करा रहे हैं। निगरानी के लिए लखीमपुर खीरी जिले के डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता उमेश कुमार शुक्ल को पर्यवेक्षक नामित किया गया है। मंगलवार को पर्यवेक्षक ने हरगांव विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सलारपुर का औचक मुआयना किया।
इस दौरान शिक्षक विजय कुमार कक्षा 4 के प्रश्नों के उत्तर ब्लैक बोर्ड पर लिख रहे थे। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय सलारपुर में गणित का पेपर था लेकिन बच्चे कला का पेपर हल कर रहे थे। शिक्षक को भी इसकी जानकारी नहीं थी। पर्यवेक्षक ने जब स्कीम दिखाई तो वह भौचक रह गए।
वहीं कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय लहरपुर में तीन कमरों में परीक्षा चल रही थी पर कक्ष निरीक्षक नदारद थे। बालिकाएं आपस में बातें कर रहीं थीं। प्राथमिक व उच्च विद्यालय कटेसर व उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रथम लहरपुर में व्यवस्थाएं ठीक मिलीं।