रामकोट। इलाके के अनुज इंक्लेव निवासी शिक्षक हरि प्रसाद शर्मा दूसरी शादी करने के चक्कर में ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने जुलाई 2025 में एक समाचार पत्र में विज्ञापन देखकर शादी के लिए काॅल की। फोन इंदौर के एक मैरिज ब्यूरो के काॅल सेंटर में लगा। काॅल सेंटर एग्जीक्यूटिव ने शिक्षक का विवाह तय कराया। इसके बाद शिक्षक से विभिन्न कारण बताकर करीब नौ माह में 8.64 लाख रुपये की ठगी की गई। शिक्षक ने ठगी का एहसास होने पर बृहस्पतिवार को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित हरि प्रसाद शर्मा के अनुसार वह जिले के एक जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने छह जुलाई 2025 को एक समाचार पत्र के वैवाहिक विज्ञापन के जरिए दूसरा विवाह करने के लिए इंदौर के मैरिज ब्यूरो में फोन लगाया। मैरिज ब्यूरो में संपर्क करने पर दीपांजली त्रिपाठी नामक महिला ने फोन रिसीव किया। उसने खुद को इंदौर के विक्रम भारती मैरिज ब्यूरो का प्रतिनिधि बताकर पंजीकरण के लिए पांच हजार रुपये जमा करने को कहा। पीड़ित ने मैरिज ब्यूरो के बैंक खाते में पैसे जमा कर दिए। इसके बाद दीपांजली त्रिपाठी ने बताया कि जिस लड़की से आप शादी करना चाहते हैं, उसका नाम राखी शर्मा है। यह भी बताया कि राखी का विवाह (रिश्ता) तय हो चुका है। दीपांजली ने राखी के बजाय प्रिया मिश्रा से शादी कराने की बात कही।
साथ ही प्रिया से कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कराई। इसके बाद पीड़ित ने प्रिया मिश्रा के मोबाइल नंबर पर बात की। उनकी प्रिया के परिजनों से भी उसी नंबर पर कई बार बात हुई। इसके बाद पीड़ित व प्रिया मिश्रा के बीच विवाह की सहमति बनी। इसी दौरान प्रिया मिश्रा व उसकी मां ने खुद को हरदोई निवासी बताया। प्रिया के सरकारी चिकित्सा सेवा में होने की बात कही। पीड़ित के अनुसार प्रिया मिश्रा की मां ने रक्षाबंधन पर मध्य प्रदेश के रीवा स्थित अपने मायके जाने की बात बताई। रक्षाबंधन के बाद विवाह की तिथियां निश्चित करने का वादा किया। एक अगस्त को प्रिया मिश्रा ने फोन कर अपनी मां के चित्रकूट में दुर्घटनाग्रस्त होने की बात बताई। साथ ही इलाज के लिए चार लाख रुपये मांगे। पीड़ित ने चार लाख रुपये प्रिया द्वारा बताए बैंक खातों में जमा करा दिए। इसके बाद कई किस्तों में कुल 8.64 लाख रुपये जमा करवाए। बाद में 19 अगस्त को प्रिया ने अपनी मां के देहांत की सूचना दी। साथ ही हरदोई आने पर विवाह करने व रकम लौटाने की बात कही। इसके बाद पीड़ित का आरोपियों से संपर्क ही नहीं हो सका। रामकोट पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।