महोली। नरनी गांव में रविवार देर रात बाघ की मौजूदगी की चर्चा से ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत फैल गई। ब्रह्मवली-नरनी मार्ग के पास खेतों और चकमार्ग पर बाघ के ताजा पगचिह्न दिखाई देने की खबर फैल गई। इसके बाद खेतों में काम कर रहे किसान सब कुछ छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। हालांकि वन विभाग ने बाघ के पगचिह्नन होने से इन्कार किया है।
ग्रामीणों के अनुसार पचकारे बाबा देवस्थान के पास तालाब के आसपास खेतों में कुछ पगचिह्न मिले हैं। पगचिह्न ताजा होने के कारण ग्रामीणों को आशंका है कि क्षेत्र में पहले से विचरण कर रहा बाघ दोबारा नरनी गांव के आसपास पहुंच गया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल 22 अगस्त को इसी तालाब के पास घास काटने गए 22 वर्षीय सौरभ दीक्षित पर बाघ ने हमला कर दिया था। हमले में युवक की मौत हो गई थी। घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में कमांड कैंप स्थापित कर बाघों की निगरानी और पकड़ने के लिए अभियान चलाया था। अभियान के दौरान तीन बाघों को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा गया था।
अब करीब एक साल बाद उसी स्थान के आसपास दोबारा बाघ के पगचिह्न मिलने से ग्रामीण पुराने हादसे को याद कर सहमे हुए हैं। किसानों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और बाघ की मौजूदगी की पुष्टि कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। रेंजर के एन भार्गव ने बताया कि बाघ के पगचिह्नन नहीं मिले हैं। जिस पगचिह्नन की बात की जा रही है, वह बारिश के कारण अस्पष्ट हैं।