समाजवादी पार्टी से निलंबित चल रहे सीतापुर के पांचों विधायकों का निलंबन जल्द वापस होगा। बुधवार को विधायक अखिलेश यादव से मिले तो उन्होंने निलंबन वापसी का आश्वासन दिया। उन्होंने विधायकों से विधान परिषद चुनाव मजबूती से लड़ाने के लिए कहा।
विधायकों ने उन्हें आश्वस्त किया कि एमएलसी चुनाव में पार्टी प्रत्याशी बड़े अंतर से जीतेंगे। सीतापुर में सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सीमा गुप्ता को प्रत्याशी बनाया था। इसका पार्टी में विरोध था। बिसवां के विधायक रामपाल यादव ने अपने बेटे जितेंद्र यादव को मैदान में उतार दिया।
इस पर सपा ने उन्हें पहले निलंबित और फिर निष्कासित कर दिया। पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार को हराकर जितेंद्र जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए। इस पर सपा ने चार और विधायकों राधेश्याम जायवाल, महेंद्र सिंह उर्फ झीन बाबू, अनूप गुप्ता और मनीष रावत को 13 जनवरी को विधायक दल और पार्टी से निलंबित कर दिया था।
ब्लाॅक प्रमुख चुनावों में भी इन विधायकों ने अपनी ताकत का अहसास कराया। सीतापुर जिले में उनके समर्थकों ने छह ब्लाॅकों में सपा प्रत्याशियों को पटखनी देकर अपने प्रमुख जिताए। रामपाल यादव समेत पांचों विधायकों ने बुधवार को दोपहर बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके निवास पर मुलाकात की।
उन्होंने निलंबन के फैसले पर पुनर्विचार की अपील की। उन्होंने कहा, नेताजी (मुलायम सिंह) हमारे नेता हैं और सपा हमारी पार्टी है। उन्होंने उन हालातों की भी जानकारी दी जिनके चलते जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव हुए।
विधायकों का दावा है कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनने के बाद निलंबन समाप्त करने का आश्वासन दिया। उन्होंने विधायकों से कहा कि विधान परिषद चुनाव में सीतापुर सीट से आनंद सिंह भदौरिया को जिताएं।