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निलंबित विधायकों का दामन पहले से दागदार

Wed, 13 Jan 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
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समाजवादी पार्टी से निलंबित जिले के चारों बागी विधायकों का दामन दागदार रहा है। इन पर जमीन पर कब्जा करने, अवैध वसूली समेत कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। इनकी वजह से पार्टी की भी कई बार किरकिरी हुई।
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तब किसी तरह मामला रफा-दफा कर दिया गया। पर अब हाल ही में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में इन माननीयों ने फिर गुल खिलाया। पार्टी उम्मीदवार सीमा गुप्ता के खिलाफ बगावत कर दी।

बुधवार को इन चारों विधायकों को सपा विधानमंडल दल के साथ पार्टी से निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई से जिले का सियासी पारा गरमा गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर जिले में सपा दो खेमों में बंट गई थी।
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इससे सपा उम्मीदवार सीमा गुप्ता को हार का मुंह देखना पड़ा और पार्टी के बागी बिसवां विधायक रामपाल यादव का बेटा जितेंद्र चुनाव जीत गया था। पार्टी की हार से खूब किरकिरी हुई।

अब हाईकमान ने सदर विधायक राधेश्याम जायसवाल, सिधौली विधायक मनीष रावत, सेउता विधायक महेंद्र सिंह ‘झीन’ तथा महोली विधायक अनूप गुप्ता को सपा विधानमंडल दल के साथ ही पार्टी से निलंबित कर दिया गया।

नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल तो हमेशा विवादों से घिरे रहे हैं। ब्लॉक प्रमुखी चुनाव में पार्टी के दावेदार ने विधायक पर 20 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया। खुद के कॉलेज में विधायक निधि के दुरुपयोग का भी मामला सुर्खियां में आया। हाईवे के किनारे जमीन कब्जाने को लेकर खूनी संघर्ष की नौबत आ गई थी।

गोलीकांड में उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इनके अलावा गोवा में रंगरलियां मनाते पकड़े गए सेवता विधायक महेंद्र सिंह झीन बाबू निलंबित हो चुके हैं। ये दोनों माननीय अपनी-अपनी विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।

महोली विधायक अनूप गुप्ता पर शहर के चर्च रोड सिविल लाइन निवासी प्रमोद मिश्रा व अरुण मिश्रा ने अपने करीबियों से मिलकर 65 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। सिधौली से सपा विधायक मनीष रावत पर भी शिक्षिका को धमकी देने का आरोप लगा था।

करीब एक साल पूर्व विधायक रावत ने सिधौली इलाके में तैनात एक लखनऊ की शिक्षिका को धमकियां दी थी। घटना अखबारों की भी सुर्खियां बनी थी।

पार्टी के अस्तित्व पर मंडराया खतरा
सपा हाईकमान की बड़ी कार्रवाई के बाद जिले में पार्टी के अस्तित्व पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। सीतापुर जिले की नौ विधानसभा सीटों में से सात पर सपा का कब्जा है। जबकि दो सीटें बसपा के पास हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में बगावत करने वाले बिसवां विधायक रामपाल यादव पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। अब चार अन्य विधायकों के निलंबन और जिलाध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी समेत जिला कार्यकारिणी भंग करने से पार्टी यहां लड़खड़ा गई है। मौजूदा समय में यहां राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी व नरेंद्र सिंह वर्मा ही बचे हैं।        ..
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