कमलापुर में चीनी मिल के बाहर धरना देते किसान संगठन के लोग।
कमलापुर। कमलापुर चीनी मिल के गेट पर बुधवार को मजदूरों ने धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने मिल प्रबंधन पर उनकी मांगों पर ध्यान न देने का आरोप लगाया। मजदूरों ने भारतीय चीनी मिल मजदूर संघ के बैनर तले प्रदर्शन करने के साथ तीन दिवसीय धरने का ऐलान किया।
इस प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम सिधौली राखी वर्मा और सीओ सिधौली कपूर कुमार ने कमलापुर थाने में मिल प्रबंधन के जीएम और मजदूर संघ के पदाधिकारियों के बीच वार्ता कराई। यह बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद मजदूर संघ ने तय कार्यक्रम के अनुसार चीनी मिल गेट पर धरना जारी रखा।
भाकियू के जिलाध्यक्ष मयंक सिंह ने कहा कि मजदूरों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रबंधन ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को जिले से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना के अध्यक्ष विकास हिंदू ने कहा कि मजदूरों की जायज मांगों को नजरअंदाज करना अन्याय है।
उमाशंकर यादव ने कहा कि कर्मचारियों का बकाया वेतन और भविष्य निधि (पीएफ) न देना गंभीर मामला है। मनीष त्रिपाठी ने कहा कि मिल प्रबंधन लगातार कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है।
मजदूर संघ के सचिव अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। कहा कि हमारी मांग है कि सभी पुराने कर्मचारियों को तत्काल जॉइन कराया जाए। कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान किया जाए। बकाया भविष्य निधि (पीएफ) जमा कराई जाए। बंदी के दौरान मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दी जाए।
इस धरने में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मयंक सिंह, राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिंदू, भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर यादव, प्रदेश अध्यक्ष मनीष त्रिपाठी, संयुक्त किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के संयोजक पिंदर सिंह सिद्ध और मजदूर संघ के सचिव अरुण कुमार तिवारी संग कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।