सीतापुर। जिले में पहली बार किसी सरकारी कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर छह लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। साइबर थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 95 हजार रुपये वापस कराए हैं। पीड़ित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र की परिवहन शाखा में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात हैं। ठगों ने उनको पाकिस्तानी फौज से जोड़ते हुए अपना शिकार बनाया।
पीड़ित नारायण सिंह मूल रूप से शांतिनगर गाजियाबाद के निवासी हैं। उनके अनुसार 20 फरवरी को उनके एक नंबर से फोन आया। दूसरी तरफ से ठग ने खुद को सीबीआई का सीनियर इंस्पेक्टर बताते हुए जम्मू कश्मीर में प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही। बताया कि पीड़ित के जरूरी दस्तावेज पाकिस्तानी फौजी अफजल के पास पाए गए हैं। ठग ने पीड़ित को वारंट और उनकी संपत्ति के जब्तीकरण के कागज दिखाकर डराया। ठग ने पीड़ित को ऑन कैमरे में रखा। इसके बाद तीन दिन तक जरूरी दस्तावेजों के बारे में पीड़ित से ठग ने सारी जानकारी भी प्राप्त कर ली।
23 फरवरी को ठग ने एक लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से अपने खाते में ट्रांसफर कराए। 24 फरवरी को पांच लाख रुपये का आरटीजीएस कराया गया। ठग ने बताया कि पीड़ित का आधा पैसा वापस आ जाएगा। अगले दिन जब पैसा वापस नहीं आया तो पीड़ित को खुद से साथ ठगी होने का एहसास हुआ। साइबर थाना प्रभारी अजय रावत ने बताया कि किसी सरकारी कर्मचारी के साथ यह पहला मामला हुआ है। त्वरित कार्रवाई करते प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही 95 हजार रुपयों का ट्रांजेक्शन भी रोक दिया गया। इसके अलावा अन्य खातों को भी फ्रीज किया गया है।