सीतापुर। तालगांव कोतवाली इलाके में पुलिस की लापरवाही से चल रहे वध प्रतिबंधित पशुओं का मांस बेचने के गोरखधंधे का रविवार को भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस अफसरों ने सख्त कार्रवाई की है। एसपी आरपी सिंह ने इस मामले में लापरवाह दरोगा व हेड कांस्टेबिल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दरअसल तालगांव क्षेत्र के इमलिया गांव का रहमतुल्ला कई महीने से वध प्रतिबंधित पशुओं के मांस की बड़े पैमाने पर तस्करी कर रहा था। वह छुट्टा घूमने वाले गोवशीय पशुओं को पकड़ लाता था और उनका वध करकेे मांस की तस्करी करता था। इस गोरखधंधे में बिसवां के कुछ लोग भी शामिल थे।
खास बात ये थी कि महीनों से चल रहे इस गोरखधंधे की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। सूत्रों से मिली जानकारी के बाद जब पुलिस अफसरों के आदेश पर इमलिया गांव में छापेमारी हुई तो इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ। जिसके बाद पुलिस ने रहमतुल्ला के घर पर दबिश देकर उसके भाई इमरान व उसके साथी परवेज को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में वध प्रतिबंधित पशुओं का मांस, एक छुरा, एक बांका, एक कुल्हाड़ी आदि बरामद किया था।
इसी बीच मुख्य आरोपी रहमतुल्ला व उसके दो साथी पुलिस को चकमा देकर भाग निकले थे, लेकिन सोमवार को पुलिस ने रहमतुल्ला और उसके साथी बिसवां के मियांगंज निवासी रफी व कुर्बान को पकड़ लिया है। साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी एसपी ने सख्त कार्रवाई की है। एसपी आरपी सिंह ने लापरवाह बीट दरोगा त्रिभुवन कुमार यादव व हेड कांस्टेबिल संजय प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।