सीतापुर। करीब 11 महीने बाद फिर से प्राइमरी शिक्षा पटरी पर लौट आई। सोमवार को प्राइमरी विद्यालय नौनिहालों का स्वागत करने के लिए तैयार दिखे। कहीं पर नौनिहालों को टीका लगाकर अंदर प्रवेश दिया गया तो कहीं उनके आने पर स्वागत किया गया। शिक्षकों ने एक दिन पहले ही स्कूलों को फूल मालाओं से सजा दिया था। कोविड प्रोटोकाल के अनुसार पहले दिन पढ़ाई शुरू हुई। पहले दिन विद्यालयों में करीब 60 फीसदी उपस्थित रही।
पिछले साल मार्च माह से कोरोना के कारण प्राइमरी विद्यालय बंद चल रहे थे। इस दौरान नौनिहाल ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई कर रहे थे। 10 फरवरी से उच्च प्राथमिक विद्यालय खोल दिए गए थे। अब प्राइमरी विद्यालय खुलने की बारी थी। इसका इंतजार अभिभावक व शिक्षक काफी समय से कर रहे थे। सोमवार को वह क्षण भी आया जब नौनिहाल लंबे अवकाश के बाद सुबह ड्रेस पहनकर विद्यालय को रवाना हुए। अमर उजाला टीम ने पहले दिन की विद्यालयों की रियलटी चेक की।
सुबह नौ बजे शहर का कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अंबेडकर नगर, वहां पर नौनिहाल ड्रेस पहनकर विद्यालय आ रहे थे। शिक्षिका विद्यालय आने वाले नौनिहालों के स्वागत में खड़ी थी। जैसे ही नौनिहाल आए उनको चंदन का टीका लगाया। उसके बाद बच्चों से ही फीटा कटवाकर कक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। स्कूल को गुब्बारों से सजाया गया था। सुबह 9.15 बजे स्टडीवेल स्कूल में प्रबंधक विनीत अग्रवाल ने उनका स्वागत ताली बजाकर किया।
गेट पर हैंड सैनिटाइज करवाकर बच्चों को प्रवेश दिया गया। 9.30 बजे एलपीएस में अभिभावकों को छोड़कर बच्चे विद्यालय के अंदर पहुंचे। इसी तरह का नजारा बिसवां विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय नकारा में दिखाई दिया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक संकेत वर्मा सुबह से नौनिहालों का स्वागत करने को तैयार थे। नौनिहाल जब स्कूल के अंदर पहुंचे तो उनको स्वागत किया। सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार प्रार्थना कराई। प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई शुरू की। लंच के समय उनको भोजन करवाया।
इसी तरह का नजारा मिश्रिख विकासखंड के कन्या प्राथमिक विद्यालय खाकीसरायं, मिश्रिख रूरल, रेउसा विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय पिपरा, औरंगाबाद इलाके का केवीएमआर विद्यालय व महमूदाबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बघाइन विद्यालय में देखने को मिला। पहले दिन स्कूलों में कक्षा एक व पांच के विद्यार्थियों को बुलाया गया था। इनकी उपस्थित करीब 60 फीसद रही।
स्कूलों में दिखे विविध रंग
पहले दिन स्कूलों में विविध रंग दिखाई दिए। शिक्षकों ने काफी मेहनत कर स्कूलों को सजाया। उसके बाद नौनिहालों का भी विशेष ख्याल रखा। लहरपुर विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय ईरापुर में नौनिहाल मुखौटा पहनकर मस्ती करते हुए दिखाई दिए।
गोंदलामऊ विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय नगवा जयराम में बच्चों का कमरा विशेष तरीके से सजाया गया। शिक्षक मास्क लगाकर बच्चों को विशेष तरीके से पढ़ाई कराते रहे। एलिया विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय भगवंतपुर में इंचार्ज प्रधानाध्यापक अश्वनी सिंह ने बच्चों को पेठा खिलाकर मुंह मीठा कराया। उसके बाद उनको पाठ पढ़ाया।
हल्के अंदाज में गुजरा पहला दिन
पहले दिन सोमवार को स्कूल खुल गए, लेकिन वहां पर पढ़ाई बहुत ही हल्के अंदाज में हुई। पहले शिक्षकों ने उनके लॉकडाउन के दौरान कहां-कहां गए और कैसे समय बिताया। इस तरह के सवाल पूछे। उसके बाद नौनिहालों ने अपने मित्रों से काफी दिन बाद मिलने की कसक निकालते हुए बातचीत की। शिक्षकों ने भी बच्चों को शिष्टाचार की बातें बताते हुए होमवर्क दिया।
दोस्तों से मिलकर चहके विद्यार्थी
विद्यार्थी रूखसार ने बताया कि बहुत दिनों बाद स्कूल खुलने पर सभी दोस्तों से मिलने का अवसर मिला। हमने खूब बातें की। गुरुजी ने भी हालचाल पूछा और छुट्टी कर दी। अनुज यादव ने बताया कि स्कूल बंद होने से हम लोगों की पढ़ाई का बहुत नुकसान हुआ है। अब हम मेहनत से पढ़ाई करेंगे। स्कूल का माहौल शानदार है। शशि वर्मा का कहना है कि आज स्कूल में सहेलियों के साथ झूला-झूलकर खूब आनंद आया। बहुत दिन बाद झूला झूलने का मौका मिला है। अब रोज स्कूल में पढ़ने आऊंगी।
स्कूल खुल गए हैं। नौनिहालों ने विद्यालय पहुंचकर पढ़ाई की। कहीं पर कोई दिक्कत नहीं आई है। सभी स्कूल कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
- अजीत कुमार, बीएसए