निजीकरण के विरोध समेत अन्य मांगों को मनवाने को लेकर मंगलवार को जिलेभर के बैंक कर्मी एक दिन की हड़ताल पर रहे। इनकी हड़ताल से राष्ट्रीयकृत बैंकों की सभी शाखाओं पर ताले लटके रहे।
बैंकों में कामकाज ठप रहने से जिले में बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा। इससे समूचे करीब एक अरब का लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंकों में तालाबंदी का असर यहां के कारोबार पर भी पड़ा है। ऐसे में बैंक उपभोक्ताओं को दिक्कतें उठानी पड़ीं।
केंद्र सरकार सभी सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंपने तथा सरकारी बैंकों का निजीकरण कर एक बड़ा बैंक बनाने की तैयारी में है। कर्मचारी पेंशन मामले भी लंबित हैं। इससे बैंकों के कर्मचारी खासे आक्रोशित हैं।
इन मांगों को लेकर यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 22 अगस्त को देश व्यापी बैंक हड़ताल का एलान किया था। संगठन के आह्वान पर जिले भर के राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी रोजाना तरह से मंगलवार को बैंक कार्यालयों को गए मगर किसी भी बैंकों के ताले नहीं खुले।
हड़ताल में एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक समेत 28 बैंक शामिल रहीं। जिस कारण बैंक उपभोक्ताओं समेत व्यपारियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। दोपहर होते-होते बैंकों के एटीएम भी खाली हो गए।
ऐसे में जरूरतमंद बैंक ग्राहक इधर-उधर भटकते नजर आए। विभागीय जानकारों की मानें तो राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से जिले मेें तकरीबन साठ करोड़ रुपये क्लीयरिंग प्रभावित रही। जबकि करीब 40 करोड़ बैंकों में काउंटरों का लेनदेन ठप रहा। ऐसे में एक अरब से अधिक बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा।