सीतापुर। सरकारी अस्पतालों में गंभीर मरीजों को समय से हायर सेंटर रेफर करने में देरी अब चिकित्सकों पर भारी पड़ेगी। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सीएमओ को निर्देशित किया कि मरीज की हालत गंभीर होने पर चिकित्सक तत्काल रेफर करने की प्रक्रिया पूरी कर मरीज को हायर सेंटर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीते दो सप्ताह में रेफर करने में देरी के आरोप के बीच एक प्रसूता और एक नवजात की मौत हो चुकी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई जांच में दोनों मामलों में मेडिकल स्टॉफ की लापरवाही सामने आई। इसके बाद संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने निर्देश दिया है कि यदि परिजन मरीज को हायर सेंटर ले जाने की मांग करते हैं तो उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। समय से हायर सेंटर पहुंचने पर मरीज को बेहतर उपचार मिल सकता है। उन्होंने बैठक में मौजूद सीएमओ डॉ. सुखरंजन समद्दर ने बताया कि सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि मरीजों की हालत को देखते हुए समय से रेफर करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रेफर में देरी पर हुई थी प्रसूता और नवजात की मौत
17 सितंबर को पीएचसी कमलापुर में एक प्रसूता को भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर परिजन स्टाफ नर्स से उसे रेफर करने की मांग करते रहे, लेकिन समय से रेफर नहीं किया गया। बाद में प्रसूता की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की जांच में लापरवाही सामने आने पर स्टाफ नर्स बेबी के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसी तरह सीएचसी तंबौर में नवजात की मौत के मामले में भी स्टाफ नर्स की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की गई है।
जन आरोग्य मेले में भी बनेंगे आयुष्मान कार्ड
अब जन आरोग्य मेलों में भी आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए अलग टीम मेले में मौजूद रहेगी। लाभार्थी को आधार कार्ड और उसमें पंजीकृत मोबाइल नंबर साथ लाना होगा। टीम फिंगरप्रिंट के माध्यम से कार्ड बनाएगी। अभी आयुष्मान कार्ड सीएससी व जनसुविधा केंद्रों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के शिविरों में बनाए जाते हैं।