मछरेहटा (सीतापुर)। मछरेहटा विकास खंड की ग्राम पंचायत पैंदापुर में बने गोआश्रय स्थल (गोशाला) में अव्यवस्थाओं के चलते तीन मवेशी गंभीर रूप से बीमार हैं। यह मवेशी खुले आसमान के नीचे भीषण गर्मी में तेज धूप में पड़े हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने इन्हें छाया पहुंचाने की व्यवस्था नहीं कराई।
पैंदापुर गोशाला में उपलब्ध अभिलेखों के मुताबिक यहां साठ मवेशी हैं, लेकिन शनिवार को मौके पर 46 मवेशी ही थे। इनमें से तीन मवेशी गंभीर रूप से बीमार हैं। यह मवेशी धूप में पड़े हैं।
केयर टेकर की तैनाती है, लेकिन ग्राम पंचायत और ब्लाक के अन्य जिम्मेदारों से मदद न मिलने के कारण वह खुद को मवेशियों की देखरेख में अक्षम पाता है। मवेशी बीमार होने की सूचना उसने क्षेत्रीय पशु चिकित्सक डा. रितेश कुमार को दी थी।
शुक्रवार को पशु चिकित्सा विभाग से एक कर्मचारी आया था और कुछ मवेशियों को इंजेक्शन लगाकर चला गया। शनिवार को मवेशियों का हाल लेने कोई नहीं पहुंचा।
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि गोशाला में सूखा भूसा ही मवेशियों को खाने के लिए दिया जाता है। इसके अलावा मवेशियों को पीने के लिए दूषित पानी मिल रहा है। गोशाला परिसर में एक गड्ढा है और इसमें गंदा पानी भरा है। इस पानी को पीने के कारण भी मवेशी बीमार हो रहे हैं।
मवेशी बीमार होने की जानकारी है। गोशाला में एक गड्ढे में गंदा पानी भरा है। इसको पीने के कारण मवेशी बीमार हो रहे हैं। गोशाला में सिकवार्ड बनाने को कहा गया है। मवेशियों का इलाज किया जा रहा है।
डा. रितेश कमार, पशु चिकित्सक
ग्राम प्रधान और पशु चिकित्सक से बात हुई है। गोशाला की अव्यवस्थाएं दूर की जाएंगी। पशु चिकित्सक से रोज मवेशियों का इलाज करने के लिए गोशाला जाने को कहा गया है।
संदीप कुमार, एडीओ पंचायत