एंटी एलर्जी की नहीं मिली दवा
शहर के ग्वालमंडी निवासी रविंदर शनिवार को जिला अस्पताल में इलाज करवाने पहुंचे। खुजली की समस्या से परेशान थे। चिकित्सक ने इन्हें एंटी एलर्जी की दवा लिख दी। जब वह काउंटर पर पहुंचे तो उन्हें निराशा हाथ लगी। इससे इन्होंने बाहर जाकर दवा खरीदी।
बाहर से खरीदी दवा
कटिया निवासी सरताज पेट की समस्या से परेशान चल रहे है। शनिवार को वह जिला अस्पताल पहुंचकर फिजीशियन से इलाज करवाया। इस पर उन्होंने ओमेज कैप्सूल लिख दिया। दवा काउंटर पर यह कैप्सूल उन्हें नहीं मिला। इसके बाद वह मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी।
सीतापुर। जिला अस्पताल की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। बेड की किल्लत के साथ ही अब जरूरी दवाओं का भी संकट खड़ा हो गया है। अधिकतर मरीजों को दी जाने वाली गैस, मल्टीविटामिन व एंटी एलर्जी की दवा का स्टॉक समाप्त हो गया है। इसके चलते मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है। इस तरह रोजाना करीब डेढ़ से दौ सौ मरीजों की इलाज के नाम पर जेब ढीली हो रही हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इस समय करीब ढाई से तीन हजार मरीज आ रहे है। मरीजों की बढ़ती तादाद के चलते बेड फुल हो गये है। वहीं अब बेड के साथ ही दवाओं का संकट खड़ा हो गया है।
शनिवार को ओपीडी में हर तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आई। मरीजों दवाओं के लिए भी जूझते रहे। अस्पताल में एंटी एलर्जी, मल्टीविटामिन व गैस के लिए करीब एक सप्ताह से कोई दवा नहीं है। जबकि रोजाना करीब दो सौ मरीजों को इनकी जरूरत पड़ती है। इस समय इन दवाओं की अधिक डिमांड हो रही है। इसकी वजह से बाजार से मरीज दवाएं खरीद रहे है।
बाजार में महंगी है दवा
अगर बाजार मूल्य की बात की जाए एंटी एलर्जी का एक टेबलेट बाजार में करीब पांच रूपये का पड़ रहा है। इसी तरह गैस का एक कैप्शूल तीन से पांच रूपये में एक मिलता है। मल्टीविटामिन टेबलेट अधिक महंगा आता है। यह करीब आठ रूपये का एक मिलता है। महंगी दवा होने से मरीजों को अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
आ गई हैं दवाएं
कुछ दवाओं की अस्पताल में कमी थी। दवा कॉर्पोरेशन से शाम को दवाएं आ गई है। जल्द ही दवा काउंटर पर दवाएं पहुंच जाएगी। अब कोई दिक्कत नहीं होगी।
डॉ. पवन वर्मा, प्रभारी सीएमएस