सीतापुर। जनता की शिकायतों के निस्तारण में अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद भी मामले लंबित हैं। डीएम ने लापरवाही पर छह एसडीएम समेत 19 अफसरों का वेतन रोक दिया है।
जन सुनवाई के लिए प्राप्त संदर्भों (आईजीआरएस) का गुणवत्तापरक समय से निस्तारण करने के लिए अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।
एडीएम न्यायिक प्रियंका सिंह ने समीक्षा में पाया कि 19 अफसर समय सीमा के बाद भी संदर्भों का निस्तारण नहीं कर रहे हैं।
इस पर डीएम अखिलेश तिवारी ने आईजीआरएस पर प्राप्त संदर्भों का समय से निस्तारण न करने पर 19 अफसरों का वेतन रोक दिया है।
उन्होंने प्रभारी अधिकारी आईजीआरएस को निर्देश दिए हैं कि वह लंबित संदर्भों की समीक्षा कर तीन दिन में स्थिति बताएं।
इन अफसरों ने बरती लापरवाही
डीएम अखिलेश तिवारी ने 19 अफसरों को वेतन रोका है। इनमें तहसीलदार सदर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सीतापुर के ईओ गुर प्रसाद पांडे, एसडीएम महोली, तहसीलदार लहरपुर, तहसीलदार सिधौली, एसडीएम सिधौली, अधिशाषी अभियंता नलकूप खंड एक, एसडीएम महमूदाबाद, मिश्रिख, जिला युवा कल्याण अधिकारी, एक्सईएन विद्युत, अधीक्षण अभियंता विद्युत, एलडीएम, एसडीएम बिसवां, एनटी महमूदाबाद, एसडीएम सदर, बीईओ पहला एवं बीईओ महोली शामिल हैं।
11 अफसरों का पहले भी रोका गया था वेतन
जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर एक्सईएन विद्युत वितरण खंड, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को वेतन जून में रोका गया था।
एक्सईएन नलकूप खंड प्रथम, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एक्सईएन सिंचाई खंड, परियोजना प्रबंधक उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम,खनन अधिकारी, नगर शिक्षा अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक लहरपुर, बीडीओ महोली एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी अधीक्षक सीएचसी मिश्रिख का भी वेतन रोका गया था।