दाल व्यवसायी सुनील जायसवाल, उसकी पत्नी कामिनी व पुत्र ऋतिक की हत्या के मामले में लखनऊ एसटीएफ की टीम सीतापुर पहुंची। इस दौरान एसटीएफ ने शहर कोतवाली पुलिस, क्राइम ब्रांच की टीम से मुलाकात की।
टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों ने मौका ए वारदात का मुआयना किया। इसके बाद व्यापारी की दोनों पुत्रियों से भी मुलाकात की और घटना से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान यह जानने का प्रयास किया गया, कि हाल ही के दिनों में सुनील से किन-किन लोगों की अनबन चल रही थी।
टीम ने पारिवारिक मामले को लेकर भी तमाम सवाल दागे। यह जानने की कोशिश भी की, कि कहीं परिवार व रिश्तेदारों में तो कहीं कोई मनमुटाव नहीं था। बेटियों से यह भी जाना कि क्या पिता ने हाल ही के दिनों में फोन कर कोई बात या विवाद का जिक्र किया हो।
करीब पौन घंटे तक जानकारी जुटाने के बाद टीम ने दोनों बेटियों को सुरक्षा का भरोसा दिया। इसके बाद टीम ने शहर के कई स्थानों पर जाकर जांच की। शहर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए संदिग्धों से भी एसटीएफ ने पूछताछ की।
बेटियां देर रात पहुंची दुकान, बदला ताला
व्यापारी की हत्या के बाद अब परिवार में सोनम व रिचा ही बची हैं। बताते है कि शुक्रवार रात दोनों बेटियों ने दुकान की सुरक्षा का हवाला देकर दुकान का ताला बदलने की इच्छा जाहिर की। जिसके बाद दोनों बेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच राजा बाजार ले जाया गया। यहां पर पुलिस की मौजूदगी में दुकान के ताले बदले गए।