सीतापुर। कोर्ट में मृत महिला के बयान दर्ज कराने के मामले में अब महिला के पुत्र पर दबाव बनाया जा रहा है। पुत्र का आरोप है कि प्रधान उस पर यह दबाव बना रहे हैं कि वह कोर्ट में पुलिस के स्थान पर अपनी गलती को मान ले।
गोंदलामऊ की हिंडौरा ग्राम पंचायत में प्रधान श्यामा देवी पर 2024 में एक केस दर्ज हुआ था। उनपर प्रधानमंत्री आवास के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप था। जांच के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई होने के बाद मामले की जांच उपनिरीक्षक रामदुलार रावत को मिली थी। उन्होंने शिकायतकर्ता व लाभार्थी रही दुन्ना के बयानों को अपने परचा नंबर तीन में दर्ज दिखाया था, जबकि उनकी मौत करीब ढाई साल पहले ही हो चुकी थी।
पूरे मामले में जब कोर्ट ने विवेचक को फटकार लगाई तो मामला प्रकाश में आ गया। अब दुन्ना के पुत्र लालू ने आरोप लगाया कि है उनको धमकियां मिल रहीं हैं कि वह पूरे मामले में अपने आप को ही दोषी स्वीकार लें, ताकि विवेचक की गर्दन बच जाए। आरोप यह भी है कि विवेचक खुद भी लालू से मिलकर मामले को दूसरा रुख देने की कोशिश में लगे हुए हैं। लालू का कहना है कि पूरे मामले की उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।
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एडीजी जाेन तक मामले की जानकारी
इस पूरे मामले की जानकारी एडीजी जोन सुजीत पांडेय को भी हो चुकी है। उनकी ओर से भी पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने मातहतों को ताकीद भी किया है। हालांकि, कोर्ट ने पूरे मामले की फिर से विवेचना करने के लिए संदना पुलिस को आदेश जारी किए हैं। उनको पत्रावलियों के साथ 21 अक्तूबर को तलब भी किया गया है।